Twisha Sharma Case: भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने सोमवार को कोर्ट में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है. सीबीआई ने दोनों पर दहेज प्रताड़ना, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप लगाए हैं. हालांकि, जांच अभी पूरी नहीं हुई है. एजेंसी ने आगे की जांच के बाद अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा है.
दहेज और प्रताड़ना से जुड़े आरोप
सीबीआई की चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85, 108 और 3(5) लगाई गई हैं. इसके साथ ही दहेज निषेध कानून की धारा 3 और 4 भी लगाई गई है. इन धाराओं के तहत दहेज से जुड़ी मौत, महिला के साथ क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे आरोपों की जांच की जाती है.
सीबीआई ने अपनी जांच में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का भी जिक्र किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, ट्विशा को ससुराल में परेशान किया गया था. हालांकि, दहेज से जुड़े कुछ पहलुओं की जांच अभी बाकी है.
12 मई को ससुराल में मिली थी लाश
33 साल की ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल में अपने पति के घर में मृत मिली थीं. उस समय उनकी शादी को करीब पांच महीने ही हुए थे. उनका शव फंदे से लटका मिला था. परिवार के लोगों ने उन्हें नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
ट्विशा के मायके वालों ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था. परिवार ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप भी लगाया था.
पति और सास की हुई गिरफ्तारी
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह की तलाश शुरू की थी. पुलिस के मुताबिक, वह कुछ समय तक फरार रहे और बाद में 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किए गए.
बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई. जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने ट्विशा की मौत वाले दिन समर्थ सिंह की गतिविधियों और फोन से जुड़ी जानकारी की भी जांच की. इसके बाद उनकी सास गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार किया गया.
सीबीआई ने घटनास्थल का रीक्रिएशन कराया
मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने घटनास्थल का रीक्रिएशन भी कराया. इसके लिए घर में डमी का इस्तेमाल किया गया. जांच टीम ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की मौजूदगी में यह समझने की कोशिश की कि ट्विशा को किस हालत में फंदे पर पाया गया था.
बताया गया कि ट्विशा की गर्दन पर जिम्नास्टिक्स बेल्ट बंधी हुई थी. परिवार के लोगों ने उन्हें नीचे उतारा था. सीबीआई ने मौत से जुड़े हालात को समझने के लिए घटनास्थल की जांच को अहम हिस्सा माना.
पोस्टमार्टम में 6 चोटों का जिक्र
ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर छह चोटों का जिक्र किया गया था. रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी बताई गई थी. इसी वजह से मौत से पहले उनके साथ क्या हुआ था और क्या उन्हें किसी तरह की शारीरिक प्रताड़ना दी गई थी, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण हो गई.
अब सीबीआई की चार्जशीट में आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धारा 108 भी जोड़ी गई है.
पिता बोले- अभी जांच बाकी है
चार्जशीट दाखिल होने के बाद ट्विशा के पिता ने कहा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है. उनके मुताबिक, सीबीआई ने खुद कोर्ट को बताया है कि कुछ जांच बाकी है और अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है.
उन्होंने कहा कि एफएसएल रिपोर्ट अभी नहीं आई है. ट्विशा के पिता का दावा है कि जांच में दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को परेशान किए जाने की बात सामने आई है. परिवार अब बाकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है.
मां ने कहा- मेरी बेटी ऐसा नहीं कर सकती
ट्विशा की मां ने चार्जशीट पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं है कि उनकी बेटी आत्महत्या कर सकती है. उनका कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और वह पूरी रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि बेटी को न्याय दिलाने के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी.
अतिरिक्त चार्जशीट का इंतजार
फिलहाल सीबीआई ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ 636 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है. लेकिन एफएसएल रिपोर्ट समेत जांच के कुछ हिस्से अभी बाकी हैं.
सीबीआई ने अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय मांगा है. ऐसे में आगे आने वाली रिपोर्ट इस मामले में अहम हो सकती है. ट्विशा के माता-पिता का कहना है कि उन्हें पूरी जांच और सभी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही न्याय की उम्मीद है.