इस्लामाबाद में शांति वार्ता से पहले ईरान ने किया बड़ा खेल, अमेरिका के सामने रख दी ये दो शर्तें

US Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में शनिवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की अहम शांति वार्ता से पहले माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है. बातचीत शुरू होने से ठीक पहले ईरान ने दो बड़ी शर्तें रख दी हैं, जिससे इस बैठक की अहमियत और बढ़ गई है.

Before peace talks in Islamabad Iran played a big game these two conditions in front of America
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US Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में शनिवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की अहम शांति वार्ता से पहले माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है. बातचीत शुरू होने से ठीक पहले ईरान ने दो बड़ी शर्तें रख दी हैं, जिससे इस बैठक की अहमियत और बढ़ गई है.

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बघेर ग़ालिबफ़ ने कहा है कि बातचीत शुरू करने से पहले दो बातें जरूरी हैं. पहली, लेबनान में तुरंत सीजफायर लागू किया जाए और दूसरी, ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को वापस किया जाए. उनका साफ कहना है कि इन शर्तों के बिना वार्ता शुरू नहीं होनी चाहिए.

अगले कुछ घंटे अहम

ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़ाकारी ने भी चेतावनी दी है कि जब तक लेबनान पर हमले जारी रहेंगे, ईरान किसी बातचीत में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य कार्रवाई “बहुत जल्द” हो सकती है और वह काफी विनाशकारी होगी. उनके इस बयान से साफ है कि आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं और हालात और बिगड़ सकते हैं.

अमेरिका और इजरायल को चेतावनी

ईरान की तरफ से डोनाल्ड ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू को भी चेतावनी दी गई है. ईरान ने कहा कि वे अपनी “हार स्वीकार करें” और धमकियां देना बंद करें. साथ ही दावा किया कि ईरानी सेना आधुनिक हथियारों से लैस है और किसी भी चुनौती का सामना कर सकती है.

बातचीत से पहले फिर दोहराईं शर्तें

ईरान ने एक बार फिर साफ किया कि बातचीत से पहले दो बातें जरूरी हैं, लेबनान में सीजफायर और ईरान के फंड्स की रिहाई. इससे साफ है कि वार्ता से पहले ही माहौल काफी संवेदनशील हो चुका है.

अमेरिका की प्रतिक्रिया

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेन्स ने भी ईरान को चेतावनी दी है कि वह अमेरिका के साथ “खेल” न खेले. उनका कहना है कि वे इस बैठक में युद्ध खत्म करने के मकसद से पहुंच रहे हैं. इसी बीच, ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमल खर्राजी के निधन की खबर भी चर्चा में है, जो हाल ही में एक हमले में घायल हुए थे.

पाकिस्तान ने कसी सुरक्षा

इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर पाकिस्तान ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि यह बैठक देश के लिए गर्व की बात है. इस्लामाबाद में 10,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. रेड जोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है और शहर में हर जगह कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

एक्शन मोड में पाकिस्तान

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए पाकिस्तान कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. खासकर इजराइल की संभावित गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. पाकिस्तान ने अपने लड़ाकू विमान, C-130 एयरक्राफ्ट, रिफ्यूलिंग टैंकर और AWACS सिस्टम को भी तैयार रखा है.

पहले भी निभाई थी बड़ी भूमिका

इससे पहले पाकिस्तान ने चीन की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिन से चल रहे संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने में भूमिका निभाई थी. इस संघर्ष में करीब 2 हजार लोगों की जान जा चुकी है. अब पाकिस्तान इस वार्ता के जरिए स्थायी शांति की कोशिश कर रहा है.

अभेद किला बना इस्लामाबाद

संभावित खतरे को देखते हुए इस्लामाबाद को पूरी तरह सुरक्षित किले में बदल दिया गया है. शहर के एयरस्पेस में डिफेंस सिस्टम पूरी तरह एक्टिव हैं. पाकिस्तान के लिए यह बैठक बेहद अहम है, क्योंकि इसकी सफलता उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि से जुड़ी हुई है. इसलिए सुरक्षा में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जा रही है.

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