टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर इन दिनों लगातार आलोचनाओं के घेरे में हैं. घरेलू सरजमीं पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक हार और उसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत में पहली बार वनडे सीरीज गंवाने के बाद गंभीर पर सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट पैनल तक, हर जगह उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
इन अटकलों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चुप्पी भी सवालों को और हवा दे रही थी. अब पहली बार बोर्ड ने इस मुद्दे पर अपना रुख साफ किया है. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने गौतम गंभीर को हटाने से जुड़ी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा लेकिन संतुलित जवाब दिया है.
‘140 करोड़ क्रिकेट एक्सपर्ट का देश है भारत’
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पोर्ट्सस्टार को दिए इंटरव्यू में कहा, "भारत 140 करोड़ लोगों का देश है और यहां हर व्यक्ति खुद को क्रिकेट एक्सपर्ट मानता है. हर किसी की अपनी राय है. यह एक लोकतांत्रिक देश है और हम किसी को चुप नहीं कर सकते."
उन्होंने आगे कहा कि क्रिकेट को लेकर राय देना लोगों का अधिकार है और इसमें मीडिया भी शामिल है. सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं और आलोचनाएं इसी का हिस्सा हैं.
आलोचनाओं पर BCCI की सफाई
सैकिया ने माना कि इस समय गौतम गंभीर को लेकर काफी अफवाहें और विरोधाभासी राय सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा, "पूर्व क्रिकेटर हों, मौजूदा खिलाड़ी हों या अन्य लोग हर कोई अपनी बात रख रहा है. सोशल मीडिया इन चर्चाओं से भरा पड़ा है. लेकिन अफवाहों और वास्तविक फैसलों में फर्क समझना जरूरी है."
बीसीसीआई सचिव ने साफ किया कि कोच को लेकर फैसला भावनाओं या सोशल मीडिया ट्रेंड के आधार पर नहीं लिया जाता.
‘फैसले लेने के लिए बोर्ड के पास सक्षम लोग हैं’
गंभीर के भविष्य को लेकर सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि बीसीसीआई के पास निर्णय लेने की एक स्थापित प्रक्रिया है. उन्होंने कहा, "हमारे पास क्रिकेट कमेटी है, जिसमें अनुभवी पूर्व क्रिकेटर शामिल हैं. वही लोग कोचिंग और टीम से जुड़े अहम फैसले लेते हैं."
टीम चयन को लेकर भी उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के पास पांच सदस्यीय चयन समिति है, जो पूरी तरह योग्य और अनुभवी है.
उन्होंने कहा, "हर फैसले पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा क्रिकेट कमेटी और चयनकर्ता ही लेते हैं."
टी20 वर्ल्ड कप 2026 होगी असली परीक्षा
क्रिकेट जगत में यह माना जा रहा है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 गौतम गंभीर के लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगी. खबरें थीं कि अगर टीम इंडिया खिताब नहीं जीतती तो बीसीसीआई को बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है.
हालांकि, बोर्ड की ओर से फिलहाल यह संकेत दिया गया है कि गंभीर को उनका कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने का मौका मिलेगा. लेकिन परिणामों का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
मनोज तिवारी ने उठाई थी कोच बदलने की मांग
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने हाल ही में गौतम गंभीर को लेकर खुलकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खिताब बचाने में नाकाम रहती है, तो बीसीसीआई को हेड कोच को लेकर कठिन फैसला लेना चाहिए.
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