BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास नहीं लेंगे सैलरी, फिर भी करेंगे मोटी कमाई; जानें कैसे

BCCI President Mithun Manhas: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष पद पर एक नए युग की शुरुआत हो गई है. पूर्व दिल्ली कप्तान और अनुभवी क्रिकेटर मिथुन मन्हास को रविवार को आधिकारिक रूप से BCCI का 37वां अध्यक्ष चुना गया है.

BCCI President Mithun Manhas will not take salary but will still earn big find out how
Image Source: Social Media/X

BCCI President Mithun Manhas: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष पद पर एक नए युग की शुरुआत हो गई है. पूर्व दिल्ली कप्तान और अनुभवी क्रिकेटर मिथुन मन्हास को रविवार को आधिकारिक रूप से BCCI का 37वां अध्यक्ष चुना गया है. मन्हास ने इस जिम्मेदारी को संभालते हुए पूर्व अध्यक्ष रॉजर बिन्नी की जगह ली है, जिन्होंने पिछले महीने अचानक इस पद से इस्तीफा दे दिया था. तब तक उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला अस्थायी अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभाले हुए थे.

45 वर्षीय मिथुन मन्हास ने भारतीय क्रिकेट के घरेलू मैदानों पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है. लगभग 15,000 रन बनाने वाले मन्हास ने खासकर दिल्ली की टीम को तब संभाला जब टीम के बड़े सितारे वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त थे. इसके अलावा, उन्होंने अपने करियर के अंतिम दौर में जम्मू-कश्मीर की ओर से भी रणजी ट्रॉफी खेली. सौरव गांगुली और रॉजर बिन्नी के बाद मन्हास ही तीसरे ऐसे क्रिकेटर हैं जो BCCI अध्यक्ष बने हैं, जो इस पद की गरिमा को दर्शाता है.

BCCI अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी और सुविधाएं

BCCI अध्यक्ष का पद मानद होता है, यानी यहां कोई फिक्स वेतन नहीं होता, लेकिन दैनिक भत्ता और अन्य कई सुविधाएं दी जाती हैं. इकॉनॉमिक टाइम्स के अनुसार, मन्हास को घरेलू बैठकों की अध्यक्षता करने पर प्रति दिन 40,000 रुपये मिलेंगे, जबकि विदेश में बैठकों के लिए यह भत्ता 1,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 88,668 रुपये) प्रति दिन होगा. इसके अलावा, देश के भीतर कामकाजी यात्रा पर उन्हें 30,000 रुपये प्रति दिन का भत्ता मिलेगा.

शानदार सुविधाओं के साथ जिम्मेदारी

मिथुन मन्हास को BCCI अध्यक्ष के रूप में बिजनेस क्लास फ्लाइट टिकट, फाइव-स्टार होटल में ठहरने की सुविधा और अन्य कई सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी. यह पद न केवल क्रिकेट प्रशासन में एक अहम भूमिका है, बल्कि इसमें देश की क्रिकेट नीति और दिशा तय करने की भी बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी है.

यह भी पढ़ें- “मैदान पर वापसी या इतिहास की दस्तक?”, फाइनल मुकाबले में हार्दिक पांड्या पर टिकी उम्मीदें