India Bangladesh Tension: भारत और बांग्लादेश के बीच लगातार बिगड़ते कूटनीतिक रिश्तों के बीच एक अहम कदम सामने आया है. नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने सोमवार को अपनी कांसुलर और वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा कर दी. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब दोनों देशों के संबंध हालिया घटनाओं के बाद बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं.
यह निर्णय बांग्लादेश के छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद उत्पन्न राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच लिया गया है. हादी की मौत के बाद दोनों देशों के बीच भरोसे में भारी गिरावट देखी गई है, जिसका असर अब कूटनीतिक सेवाओं पर भी साफ नजर आ रहा है.
#WATCH | Delhi: A notice has been put up outside the Bangladesh High Commission.
— ANI (@ANI) December 22, 2025
The notice reads, "Due to unavoidable circumstances, all consular & visa services from the Bangladesh High Commission in New Delhi are temporarily suspended until further notice." pic.twitter.com/1wW9jEtElw
भारत ने पहले बंद की थीं वीजा सेवाएं
बांग्लादेश के इस कदम से एक दिन पहले ही भारत ने भी सख्त फैसला लिया था. भारत सरकार ने बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चटगांव में स्थित इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर में वीजा सेवाओं को अगले आदेश तक रोक दिया था.
यह निर्णय उस हिंसक माहौल के बाद लिया गया, जो शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देखने को मिला. हादी वही छात्र नेता थे, जिन्होंने पिछले साल शेख हसीना सरकार को सत्ता से हटाने वाले आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी. उनकी मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए, जिसका असर भारत के राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर भी पड़ा.
हाई कमीशन का आधिकारिक बयान
नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि “अपरिहार्य परिस्थितियों” के चलते मिशन से जुड़ी सभी कांसुलर और वीजा सेवाएं अगले आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित की जा रही हैं. बयान में यह भी कहा गया कि इस फैसले से लोगों को होने वाली असुविधा के लिए खेद है.
हालांकि बयान में सीधे तौर पर भारत का नाम नहीं लिया गया, लेकिन घटनाक्रम को देखते हुए यह साफ माना जा रहा है कि यह फैसला हालिया कूटनीतिक तनाव और सुरक्षा चिंताओं से जुड़ा है.
चटगांव में बढ़ा था तनाव, भारतीय मिशन बना निशाना
भारत द्वारा चटगांव में वीजा सेवाएं बंद करने का फैसला उस घटना के कुछ ही दिनों बाद आया, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी भारतीय सहायक उच्चायोग (AHCI) के बाहर इकट्ठा हो गए थे. इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहना पड़ा.
सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारी न सिर्फ नारेबाजी कर रहे थे, बल्कि उन्होंने खुले तौर पर हिंसा की चेतावनी भी दी थी. यह भी कहा गया कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे हथियार उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.
खून-खराबे की धमकियों के बाद भारत का सख्त रुख
प्रदर्शनकारियों ने राजशाही स्थित इंडियन वीजा सेंटर को लेकर भी गंभीर धमकियां दी थीं. इसी के चलते भारतीय पक्ष ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा कदम उठाया. भारत की ओर से स्पष्ट किया गया कि चटगांव स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग में हालिया सुरक्षा घटनाओं को देखते हुए 21 दिसंबर 2025 से वहां सभी वीजा सेवाएं अगले आदेश तक बंद रहेंगी. भारत का कहना है कि उसके राजनयिक कर्मचारियों और आवेदकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
रिश्तों पर गहराता संकट
इन फैसलों से साफ है कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं. एक-दूसरे की वीजा और कांसुलर सेवाओं का निलंबन आम लोगों पर सीधा असर डालता है और यह दर्शाता है कि राजनीतिक तनाव अब कूटनीतिक स्तर तक पहुंच चुका है.
आने वाले दिनों में दोनों देशों की सरकारें इस तनाव को कम करने के लिए क्या कदम उठाती हैं, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है. फिलहाल, हालात यह संकेत दे रहे हैं कि जब तक सुरक्षा और भरोसे को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, तब तक यह कूटनीतिक खिंचाव जारी रह सकता है.
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