Motaleb Sikdar Firing: बांग्लादेश में छात्र राजनीति से जुड़े नेताओं पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे उस्मान हादी की मौत के कुछ ही दिनों बाद सोमवार को खुलना में एक और छात्र नेता पर जानलेवा हमला किया गया. इस घटना ने देश में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है.
बांग्लादेश की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के मोतालेब सिकदर को सोमवार को खुलना शहर में गोली मारी गई. हमलावरों ने सीधे उनके सिर को निशाना बनाया. मोतालेब एनसीपी के खुलना डिविजनल चीफ और एनसीपी श्रमिक शक्ति के केंद्रीय आयोजक हैं.
घटना सुबह करीब 11:45 बजे हुई, जब मोतालेब अपने कार्यालय या आसपास के इलाके में थे. फायरिंग के तुरंत बाद उन्हें खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. सोनाडांगा मॉडल पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी अनिमेष मंडल ने बताया कि गोली कान के पास के हिस्से को छूकर बाहर निकल गई. अधिकारियों के अनुसार, मोतालेब सिकदर की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं.
ANOTHER YOUTH LEADER SHOT IN #BANGLADESH, CONDITION CRITICAL
— Karan Singh (@Journo_Karan) December 22, 2025
NCP's Khulna divisional chief and central organizer of NCP, Motaleb Sikdar, has been shot in the head#BangladeshViolence #bangladeshunrest pic.twitter.com/WtyQ3B2tl7
छात्र आंदोलन से जुड़ी पार्टी का महत्व
नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) की स्थापना इसी साल 28 फरवरी 2025 को हुई थी. यह पार्टी Students Against Discrimination और जातीय नागरिक समिति के नेतृत्व में बनी थी. इसे बांग्लादेश की पहली छात्र-नेतृत्व वाली राजनीतिक पार्टी माना जाता है.
विशेषज्ञ और राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि यह पार्टी विशेष रूप से छात्र राजनीति और युवा नेतृत्व को राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल करने के लिए बनाई गई थी. यह पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद अस्तित्व में आई.
उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा का बढ़ता दौर
इससे पहले, 2024 के छात्र आंदोलन के नेता उस्मान हादी की मौत ने देशभर में हिंसा और तनाव को जन्म दिया था. हादी 12 दिसंबर को ढाका में हुए एक हमले में घायल हुए थे. उन्हें गंभीर हालत में 15 दिसंबर 2025 को एयरलिफ्ट कर सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जिकल ICU में भर्ती कराया गया. लेकिन 18 दिसंबर 2025 को हादी ने दम तोड़ दिया.
उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. चटगांन में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास पर पथराव भी हुआ. हादी को कड़ी सुरक्षा के बीच ढाका विश्वविद्यालय मस्जिद के पास, राष्ट्रीय कवि काज़ी नजरुल इस्लाम की कब्र के समीप सुपुर्द-ए-खाक किया गया.
आरोपियों की तलाश और पुलिस की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश पुलिस ने कहा कि हादी की हत्या के मुख्य आरोपी के ठिकाने को लेकर उनके पास कोई ठोस जानकारी नहीं है. इससे एक दिन पहले हादी की पार्टी इंकिलाब मंचा ने अंतरिम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था और हत्या के दोषियों की गिरफ्तारी में ‘ठोस प्रगति’ की मांग की थी.
विश्लेषकों का कहना है कि छात्र नेताओं पर हमले और राजनीतिक हिंसा से बांग्लादेश में छात्र राजनीति की सक्रियता और युवा नेतृत्व प्रभावित हो रहा है. खुलना में मोतालेब सिकदर पर हमला इस बात का संकेत है कि देश में तनाव और संघर्ष का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है.
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