India On Bangladesh Power Crisis: बांग्लादेश इन दिनों गंभीर ऊर्जा संकट से गुजर रहा है. देश के कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली कटौती हो रही है. इस बीच बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल देने की मांग की है.
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मांग पर अपना जवाब दिया है. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश की अतिरिक्त मांग पर विचार कर रहा है, लेकिन फैसला अपनी जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा.
भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा क्षेत्र में पहले से सहयोग चल रहा है. उन्होंने कहा कि अतिरिक्त डीजल की मांग पर भारत अपनी जरूरत, रिफाइनरी की क्षमता और देश में उपलब्धता को देखकर फैसला करेगा. यानी भारत बांग्लादेश की मदद की मांग पर विचार कर रहा है, लेकिन पहले अपनी जरूरतों का भी ध्यान रखेगा.
बांग्लादेश में कई घंटे की बिजली कटौती
बांग्लादेश में बिजली संकट का असर आम लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ढाका के ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर रोजाना 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है.
बिजली बचाने के लिए सरकार ने शॉपिंग मॉल, दुकानों और बाजारों को रात 8 बजे तक बंद करने का निर्देश भी दिया है. बिजली की कमी के कारण कई इलाकों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लगातार लोड शेडिंग से लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है.
संकट खत्म होने में लग सकते हैं दो साल
बांग्लादेश के वित्त मंत्री आमिर खुसरु महमूद चौधरी ने 16 अगस्त को कहा कि ऊर्जा संकट को पूरी तरह खत्म करने में करीब दो साल लग सकते हैं. उन्होंने बताया कि देश में नया फ्लोटिंग एलएनजी टर्मिनल तैयार करने में करीब डेढ़ से दो साल का समय लग सकता है. ऐसे में तुरंत राहत मिलना मुश्किल है.
सरकार के सामने बढ़ी मुश्किल
बिजली उत्पादन कम होने के कारण बांग्लादेश सरकार को लोड शेडिंग का सहारा लेना पड़ रहा है. कई इलाकों में बिजली वितरण कंपनियों के दफ्तरों की सुरक्षा भी बढ़ाई जा रही है. बांग्लादेश के बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री इकबाल हसन महमूद ने भी माना कि सरकार के सामने मुश्किल स्थिति है.
उन्होंने कहा कि फिलहाल लोड शेडिंग को संभालने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं हैं. मंत्री के मुताबिक, गैस की उपलब्धता भी एक बड़ी समस्या है. पर्याप्त गैस और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना बिजली उत्पादन बढ़ाना आसान नहीं है. ऐसे में बांग्लादेश की नजर अब भारत समेत दूसरे देशों से मिलने वाली ऊर्जा मदद पर भी है.
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