'लोगों को जबरन धकेल रही BSF', बांग्लादेश की BGB ने भारत पर लगाया आरोप, सभी 'नो मैन्स लैंड' में फंसे

भारत-बांग्लादेश सीमा पर 13 लोगों को लेकर नया विवाद सामने आया है. बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसी बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने आरोप लगाया है कि भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने कुछ लोगों को बांग्लादेशी क्षेत्र में भेजने की कोशिश की.

Bangladesh India BGB accuses BSF Attempt To Push In 13 People On Border
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ढाका: भारत-बांग्लादेश सीमा पर 13 लोगों को लेकर नया विवाद सामने आया है. बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसी बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने आरोप लगाया है कि भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने कुछ लोगों को बांग्लादेशी क्षेत्र में भेजने की कोशिश की. हालांकि BGB ने दावा किया कि उसने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सीमा के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया.

बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, संबंधित 13 लोग फिलहाल दोनों देशों की सीमा के बीच स्थित नो मैन्स लैंड में मौजूद हैं. यह वह क्षेत्र होता है जो दो देशों की सीमाओं के बीच स्थित होता है और किसी भी देश के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा पर रोके जाने के बाद ये लोग खुले इलाके में रहने को मजबूर हैं और अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से उन्हें सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी गई है.

BGB का दावा, सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया

BGB अधिकारियों का कहना है कि यह घटना जशोर जिले के शारशा उपजिला क्षेत्र में सामने आई. एजेंसी ने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों को बांग्लादेशी क्षेत्र में भेजने का प्रयास किया गया था, लेकिन सीमा पर तैनात जवानों ने उन्हें रोक दिया.

अधिकारियों के अनुसार, मामले की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

फ्लैग मीटिंग में उठा मुद्दा

घटना के बाद दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई. बैठक में BGB ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के किसी भी व्यक्ति को सीमा पार भेजना स्वीकार्य नहीं होगा.

बांग्लादेशी अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति बांग्लादेश के नागरिक हैं, तो उन्हें दोनों देशों के बीच तय आधिकारिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत वापस भेजा जाना चाहिए.

कानूनी प्रक्रिया पर जोर

BGB का कहना है कि सीमा से जुड़े मामलों में अंतरराष्ट्रीय नियमों और द्विपक्षीय प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए. एजेंसी ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को अनौपचारिक या अवैध तरीके से सीमा पार कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

फिलहाल दोनों देशों की एजेंसियां इस मामले पर संपर्क बनाए हुए हैं और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा जारी है. सीमा पर मौजूद लोगों की पहचान और नागरिकता की पुष्टि भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है.

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