वॉशिंगटन: अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है. अमेरिकी अधिकारियों ने एक विशेष ऑपरेशन के दौरान कई विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की बताई जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ इमिग्रेशन नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है.
विशेष अभियान में हुई गिरफ्तारियां
अमेरिकी कस्टम और बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के अनुसार, एरिजोना के यूमा सेक्टर में मई के मध्य में एक विशेष अभियान चलाया गया था. इस दौरान अमेरिका में अवैध रूप से रहने के आरोप में कुल 52 लोगों को हिरासत में लिया गया.
जांच के दौरान इनमें से 36 लोग कमर्शियल सेमी-ट्रक चलाते हुए पाए गए, जिनकी इमिग्रेशन और दस्तावेज संबंधी स्थिति की जांच की गई.
30 भारतीय नागरिक भी शामिल
अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए 36 ट्रक चालकों में से 30 भारतीय नागरिक थे. बाकी चालक अन्य देशों से संबंधित बताए गए हैं. जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों के पास विभिन्न अमेरिकी राज्यों द्वारा जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ के पास आवश्यक लाइसेंस नहीं पाए गए.
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए कई व्यक्तियों के पास पहले जारी किए गए कार्य-अनुमति दस्तावेज थे, जिनकी वैधता अब समाप्त हो चुकी थी.
ट्रकिंग सेक्टर में बढ़ी निगरानी
अमेरिका में हाल के वर्षों में ट्रकिंग उद्योग में कार्यरत विदेशी मूल के ड्राइवरों पर निगरानी बढ़ाई गई है. अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और इमिग्रेशन नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं.
पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कमर्शियल वाहनों से जुड़े गंभीर सड़क हादसों के बाद ड्राइवरों की कानूनी और इमिग्रेशन स्थिति जांच के दायरे में आई थी.
पुराने मामलों की भी हो रही समीक्षा
अमेरिकी एजेंसियां उन मामलों की भी समीक्षा कर रही हैं, जिनमें विदेशी मूल के ट्रक चालकों पर सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे. अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है.
हिरासत में लिए गए लोगों के मामलों की जांच जारी है. अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की कानूनी स्थिति, दस्तावेजों और निवास संबंधी रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद संबंधित मामलों में निर्वासन (डिपोर्टेशन) सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
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