'मुनीर की मदद ना करें, बलूचिस्तान में F-16 से बमबारी करेंगे...' बलूच नेता ने ट्रंप को लिखी खुली चिट्ठी

पाकिस्तान को दी जा रही नई सैन्य मदद को लेकर बलूचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलूच ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

Baloch leader wrote an open letter to Trump dont help munir
Image Source: Social Media

इस्लामाबाद/वॉशिंगटन: पाकिस्तान को दी जा रही नई सैन्य मदद को लेकर बलूचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलूच ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम एक खुला पत्र जारी कर अपील की है कि वाशिंगटन इस्लामाबाद को दी जा रही सैन्य सहायता पर तुरंत पुनर्विचार करे. यह पत्र उस समय सामने आया है जब अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने के लिए 686 मिलियन डॉलर का पैकेज जारी किया है.

ट्रंप से मांग- पाकिस्तान की सैन्य सहायता बंद की जाए

अपने पत्र में मीर यार बलूच ने दावा किया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार अमेरिकी प्रशासन को गुमराह कर रही है. पत्र में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा भेजे गए हथियारों का इस्तेमाल आतंकवाद से मुकाबला करने के बजाय बलूच क्षेत्रों में ऑपरेशन चलाने और नागरिकों पर कार्रवाई करने में हो रहा है.

मीर यार ने चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को मिलने वाले F-16 अपग्रेड पैकेज सहित आधुनिक हथियार बलूच नागरिकों के खिलाफ बमबारी और सैन्य अभियानों में उपयोग किए जा रहे हैं. उनके अनुसार, “अमेरिका इन हथियारों को रक्षा के लिए भेजता है, लेकिन इनका इस्तेमाल हमारे घरों, गांवों और समुदायों पर हमले करने के लिए होता है. यह सीधे-सीधे अमेरिकी नीतियों को धोखा देना है.”

77 साल से दमन, अमेरिकी हथियारों से बढ़ रहा दर्द

बलूच नेता ने अपने पत्र में कहा कि बलूचिस्तान के लोगों पर पिछले सात दशकों से जबरन नियंत्रण, मानवाधिकार उल्लंघन और गायब करने जैसे गंभीर आरोप जुड़े हुए हैं. उनका दावा है कि पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे सैन्य अभियानों में वे हथियार शामिल हैं जो अमेरिका ने सैन्य पार्टनरशिप और सहयोग के तहत उपलब्ध कराए हैं.

उनके अनुसार, “बलूच परिवार उस हिंसा का सामना कर रहे हैं, जो अमेरिकी निर्मित हथियारों से की जाती है. महिलाएं और बच्चे इन ऑपरेशनों का सबसे अधिक शिकार बनते हैं. ऐसे में पाकिस्तान को नई सैन्य तकनीक देना हमारे खिलाफ और कड़ा रुख अपनाने जैसा है.”

अमेरिकी तकनीक ईरान तक पहुंच सकती है: चेतावनी

मीर यार बलूच ने अपने पत्र में एक और गंभीर आरोप लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI अमेरिका के भरोसे को तोड़ सकती है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ईरान और तुर्की जैसे देशों के साथ सहयोग कर रहा है, और यह आशंका है कि अमेरिकी रक्षा तकनीक खासकर F-16 लड़ाकू विमानों से संबंधित संवेदनशील जानकारी ईरान तक पहुंचाई जा सकती है.

उन्होंने लिखा, “यदि यह तकनीक गलत हाथों में चली गई, तो अमेरिकी हथियार उन्हीं देशों के खिलाफ इस्तेमाल किए जा सकते हैं जिनकी सुरक्षा के लिए ये बनाए गए हैं, इसमें अमेरिका और इज़रायल दोनों शामिल हैं.”

अमेरिका ने F-16 पैकेज की जानकारी कांग्रेस को दी

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में पाकिस्तान के F-16 बेड़े के अपग्रेड के लिए प्रस्तावित पैकेज को लेकर अमेरिकी कांग्रेस को आधिकारिक सूचना भेज दी है. इसके बाद 30 दिन की समीक्षा अवधि शुरू हो गई है, जिसके दौरान कांग्रेस परियोजना की सुरक्षा और रणनीतिक प्रभावों पर विचार कर सकती है.

यह पैकेज पाकिस्तान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि F-16 विमानों का उपयोग उसकी एयर डिफेंस और सैन्य रणनीति का प्रमुख हिस्सा है. हालांकि, इस पैकेज पर अमेरिका के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं- विशेषकर इस बात को लेकर कि पाकिस्तान इन हथियारों का इस्तेमाल किस तरह और किन उद्देश्यों के लिए करेगा.

ये भी पढ़ें- गाड़ियों से लेकर दवाओं तक... मेक्सिको के 50% टैरिफ से किन सेक्टर्स को होगा नुकसान, क्या होगा इसका असर?