Jaish terrorist Hamim Mandal: पश्चिम बंगाल एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) द्वारा गिरफ्तार संदिग्ध जैश आतंकी हमीम मंडल से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के निर्देश पर बंगाल में पुलिस अधिकारियों पर हमला करने की साजिश रची जा रही थी. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस साजिश को स्वतंत्रता दिवस के आसपास अंजाम देने की योजना थी.
कई संगठनों से जुड़े होने का दावा
जांच में सामने आया है कि हमीम मंडल कथित रूप से शहजाद भट्टी गिरोह और तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) से भी जुड़ा हुआ था. एजेंसियों का कहना है कि कुछ पुलिस अधिकारियों को संभावित निशाने के रूप में चुना गया था.
इसके अलावा, जांच में यह भी दावा किया गया है कि राज्य के कम से कम छह मंत्रियों और उनके परिवार के लोगों को हनीट्रैप में फंसाने की जिम्मेदारी हमीम की महिला मित्र अर्पिता सरकार को दी गई थी.
पाकिस्तान से मिल रहे थे निर्देश
जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान से इंटरनेट मीडिया के जरिए हथियार जुटाने, हमले की तैयारी करने और प्रचार से जुड़ी गतिविधियों के लिए निर्देश भेजे जा रहे थे. प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि अलग-अलग गतिविधियों के लिए पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के जरिए धन भेजा जा रहा था. एजेंसियां अब इन पैसों के लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं.
स्लीपर सेल और पूरे नेटवर्क की जांच
एसटीएफ का कहना है कि हमीम अकेले काम नहीं कर रहा था. उसके संपर्क में कई अन्य संदिग्ध लोग भी थे, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं. जांचकर्ताओं के मुताबिक, बंगाल में TTH के कई मॉड्यूल तैयार करने, स्लीपर सेल बनाने, हथियार जुटाने और फंड इकट्ठा करने की कोशिश की जा रही थी.
इस मामले में असम, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भी कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और साजिश की पूरी योजना की जांच कर रही है.
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