UAE VS PAK: एशिया कप 2025 में जब पाकिस्तान की टीम UAE से भिड़ने जा रही थी, तब असली मुकाबला तो मैदान पर नहीं, होटल की लॉबी में चल रहा था. जी हां, बुधवार का दिन क्रिकेट कम और राजनीति-थ्रिलर ज्यादा लग रहा था, जैसे कोई पाकिस्तानी ड्रामा टीवी सीरीज़ लाइव चल रही हो. और उस शो के निर्देशक PCB थे.
मैच से ठीक पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ICC के सामने दो फरमाइशें रखीं, वो भी धमकी के साथ कि "जब तक ये पूरी नहीं होतीं, हमारी टीम मैदान पर नहीं उतरेगी."
PCB की दो मांगे थीं...
मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाओ, क्योंकि उन्होंने भारत-पाक मैच में 'पक्षपात' किया. सूर्यकुमार यादव पर जुर्माना लगाओ, क्योंकि उन्होंने मैच के बाद कुछ ऐसा कहा, जिसे PCB ने राजनीतिक बयान बता दिया. अब तक तो ठीक था, लेकिन ICC ने PCB को इग्नोर कर दिया.
70 मिनट का हाई-वोल्टेज ड्रामा
ICC ने कोई मांग नहीं मानी, न रेफरी बदले, न सूर्यकुमार पर जुर्माना. मगर PCB ने बिना शर्त मैदान में उतरकर खुद ही बता दिया कि उनका रौब बस टीवी चैनलों तक सीमित था.
असल बात? पैसा बोलता है!
PCB ने ये "ड्रामा" क्यों बंद किया? जवाब एक शब्द में है, पैसा.
अगर पाकिस्तान टीम टूर्नामेंट से हटती, तो उसे लगभग 141 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ता. PCB का कुल सालाना बजट है लगभग 227 मिलियन डॉलर और ये नुकसान सीधा 7% बजट को डुबो देता. राजनीति एक तरफ, लेकिन जब मामला बजट का आया, तो पाकिस्तान ने "इज़्ज़त" छोड़कर "इंकम" को चुना.
क्या वाकई क्रिकेट चला रहा है PCB
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बारे में ये तो जगजाहिर है कि वह सरकार के इशारे पर ही चलता है. PCB चेयरमैन की नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं, और पूरे बोर्ड पर सरकार की सीधी पकड़ होती है. इसलिए जब बोर्ड कोई 'क्रिकेटिंग' फैसला करता है, तो शक बना रहता है कि इसके पीछे राजनीति है या खेल? UAE के खिलाफ मैच से पहले जो कुछ भी हुआ, वह इस बात की तस्दीक करता है कि PCB के लिए क्रिकेट साइड कैरेक्टर है, असली स्टेज पर सियासत ही नायक है.
फिर भी UAE को हराया, भारत से भिड़ंत तय
मैदान में पाकिस्तान की टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया और UAE को 41 रनों से मात देकर सुपर-4 में प्रवेश कर लिया. अब अगली टक्कर भारत से होगी, लेकिन इस बार उम्मीद है, ड्रामा पहले नहीं, सिर्फ मैच में होगा.
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