Ashish Banerjee: TMC के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने की खुदकुशी, पार्टी ऑफिस में फंदे से लटका मिला शव

Ashish Banerjee Death: बीरभूम के रामपुरहाट में TMC के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

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Ashish Banerjee Death: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से रविवार सुबह सामने आई एक खबर ने राजनीतिक गलियारों से लेकर स्थानीय इलाके तक सनसनी फैला दी. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रामपुरहाट से पूर्व विधायक आशीष बनर्जी का शव उनके घर के पास स्थित पार्टी कार्यालय में लटका मिला. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट मिलने की बात भी पुलिस की ओर से कही गई है.

आशीष बनर्जी की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग पार्टी कार्यालय के आसपास जमा हो गए. पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल हैं और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.

घर के पास पार्टी ऑफिस में मिला शव

आशीष बनर्जी बीरभूम के रामपुरहाट इलाके के हट्टलपारा में रहते थे. उनके घर के ठीक बगल में तृणमूल कांग्रेस का पार्टी कार्यालय भी है. रविवार सुबह इसी कार्यालय में उनका शव मिलने की सूचना सामने आई. घटना की जानकारी मिलते ही रामपुरहाट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज भेजा है. घटनास्थल से कथित तौर पर एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. हालांकि, नोट में क्या लिखा है और उसका मौत की परिस्थितियों से क्या संबंध है, इस बारे में जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी.

मौत की वजह पर अभी तस्वीर साफ नहीं

आशीष बनर्जी की मौत को लेकर फिलहाल पुलिस कई पहलुओं की जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या से जुड़ा प्रतीत हो सकता है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह और परिस्थितियों की पुष्टि जांच तथा पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगी. पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित कर रही है और आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में अहम साबित हो सकती है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मौत से पहले उनकी गतिविधियां कैसी थीं और किन परिस्थितियों में वह पार्टी कार्यालय पहुंचे थे.

रामपुरहाट से पांच बार विधायक रहे आशीष बनर्जी

आशीष बनर्जी का पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबा राजनीतिक सफर रहा. वह रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए और तृणमूल कांग्रेस सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. वह मंत्री पदों पर रहने के अलावा पश्चिम बंगाल विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रह चुके थे. रामपुरहाट सीट पर उनका राजनीतिक प्रभाव लंबे समय तक मजबूत रहा. 2001 से उन्होंने लगातार इस सीट पर जीत दर्ज की और 2021 में भी भाजपा के उम्मीदवार को हराकर विधानसभा पहुंचे थे.

2026 के चुनाव में मिली थी हार

हालांकि, 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा. वह रामपुरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार थे, लेकिन भाजपा के ध्रुबा साहा से चुनाव हार गए. चुनाव परिणामों के मुताबिक ध्रुबा साहा को 1,11,920 वोट मिले, जबकि आशीष बनर्जी को 87,687 वोट मिले. चुनाव के बाद जून 2026 में उन्होंने बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने उस समय पार्टी संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी बात रखी थी और खुद को एक सामान्य पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर रखने की बात कही थी.

पार्टी और स्थानीय राजनीति में रही अहम भूमिका

आशीष बनर्जी बीरभूम की राजनीति में लंबे समय तक एक प्रभावशाली चेहरा रहे. उन्हें जिले की तृणमूल कांग्रेस की राजनीति में महत्वपूर्ण नेता माना जाता था. उनके राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने शिक्षा, कृषि और आयुष जैसे विभागों की जिम्मेदारियां भी संभालीं. उनका राजनीतिक जुड़ाव बीरभूम की स्थानीय राजनीति के कई बड़े नेताओं से रहा. लंबे समय तक विधायक और मंत्री रहने के कारण रामपुरहाट क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पहचान बनी हुई थी.

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल आशीष बनर्जी की मौत से जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं. पुलिस घटनास्थल से मिले कथित सुसाइड नोट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है. मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, इसे लेकर पुलिस की जांच पूरी होने का इंतजार है.

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