जम्मू-कश्मीर की जमीन फिर खून से रंगी, लेकिन इस बार भारत का जवाब भी उतना ही तेज और निर्णायक है. पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद से ही पूरे क्षेत्र में सख्त कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो चुका है. अब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों के लिए घाटी में कोई जगह नहीं बची है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया है — न केवल आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया जा रहा है, बल्कि उनके गद्दार मददगारों पर भी सीधा वार हो रहा है.
शनिवार देर रात कुपवाड़ा जिले में एक और जख्मी करने वाली घटना सामने आई, जहां संदिग्ध आतंकवादियों ने सोशल एक्टिविस्ट गुलाम रसूल मगरे को उनके घर के भीतर घेरकर गोली मार दी. गंभीर रूप से घायल मगरे को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आतंकियों ने उन्हें किस वजह से निशाना बनाया, लेकिन एक बात तय है — घाटी में दहशत फैलाने की इन कोशिशों पर अब सीधे लोहे के हाथों से प्रहार किया जाएगा.
आतंकियों के घर जमींदोज
पहलगाम नरसंहार के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों और उनके सपोर्ट नेटवर्क के खिलाफ युद्धस्तर पर ऑपरेशन छेड़ दिया है. पिछले 48 घंटों में पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और कुपवाड़ा जिलों में आतंकियों और उनके सहयोगियों के 6 घर ध्वस्त किए जा चुके हैं. अधिकारियों ने साफ कर दिया है — जो भी आतंकवाद से जुड़ा होगा, उसका घर अब सुरक्षित नहीं रहेगा.
पुलवामा के अहसान उल हक का घर ढहाया गया, जो 2018 में पाकिस्तान जाकर आतंकी ट्रेनिंग ले चुका था. शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर शाहिद अहमद कुट्टय के ठिकाने को नेस्तनाबूद किया गया. कुलगाम के जाकिर अहमद गनी, जो लंबे समय से निगरानी में था, उसका घर भी ध्वस्त कर दिया गया. इसके अलावा कुपवाड़ा के कालारूस क्षेत्र में फारूक अहमद तेदवा और मिस्किन अहमद तेदवा के ठिकानों पर भी तगड़ी कार्रवाई हुई है.
आतंकियों और गद्दारों के लिए कोई रहम नहीं
भारतीय सेना अब अलर्ट मोड पर है और पाकिस्तान की ओर से होने वाली हर हिमाकत का तगड़ा जवाब दिया जा रहा है. LoC पर लगातार फायरिंग हो रही है, लेकिन इस बार भारत केवल जवाब नहीं दे रहा — अब दुश्मन के ठिकानों को जड़ से उखाड़ने का मिशन चल रहा है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो भी आतंकवाद से किसी भी तरह जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी.
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