बंगाल में ISI नेटवर्क का एक और कनेक्शन सामने आया, STF ने आरोपी को किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

West Bengal Pakistani Spy: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार राना रऊफ उर्फ वाहाब आलम के एक और कथित सहयोगी को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है.

Another link to an ISI network has surfaced in West Bengal the STF has arrested the accused
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West Bengal Pakistani Spy: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार राना रऊफ उर्फ वाहाब आलम के एक और कथित सहयोगी को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तार आरोपी की पहचान जाफर शाम उर्फ सानी के रूप में हुई है. एसटीएफ ने उसे हुगली के रिसड़ा से पकड़ा. सानी कोलकाता के तपसिया का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई शुरू होने के बाद वह रिसड़ा में छिपकर रह रहा था. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है.

राना को नौकरी दिलाने में मदद का आरोप

एसटीएफ इस बात की जांच कर रही है कि सानी ने राना रऊफ की किस तरह मदद की थी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि सानी ने राना को हावड़ा के सलकिया इलाके की एक फैक्ट्री में काम दिलाया था.

बताया जा रहा है कि सानी ने राना को वहां अपने दोस्त के तौर पर लोगों से मिलवाया था. अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सानी को राना की गतिविधियों की जानकारी थी और क्या उसने किसी तरह उसकी मदद की.

जांचकर्ताओं को शक है कि राना भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए एक नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था. एसटीएफ अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में सानी की क्या भूमिका थी.

पहले भी दो सहयोगी हो चुके हैं गिरफ्तार

इस मामले में एसटीएफ इससे पहले तपसिया इलाके से इमरान हुसैन को गिरफ्तार कर चुकी है. उस पर आरोप है कि उसने पाकिस्तानी नागरिक राना को काठमांडू के रास्ते कोलकाता लाने में मदद की थी. 

उस पर भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने का भी आरोप है. राना के साथ तपसिया के रहने वाले इजाज अली को भी गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसी उसे राना का कथित सहयोगी मान रही है.

12 अगस्त को पकड़ा गया था राना

एसटीएफ ने 12 अगस्त को उत्तर 24 परगना के हाबड़ा से राना रऊफ उर्फ वाहाब आलम को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी के अनुसार, राना के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का शक है. एसटीएफ का आरोप है कि राना को भारतीय सेना और बीएसएफ से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने का काम दिया गया था.

अब सानी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि राना का नेटवर्क कितना बड़ा था और उसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की जांच कर रही है.

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