पहले राउंड में पिछड़े, फिर पलट दी बाजी... अंकुश पंघाल का कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्डन पंच

Commonwealth Games 2026: अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को हराकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया. मुकाबले की शुरुआत भले ही उनके लिए कठिन रही, लेकिन जिस आत्मविश्वास और धैर्य के साथ उन्होंने वापसी की, उसने इस जीत को और भी खास बना दिया.

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Commonwealth Games 2026: भारत की मुक्केबाजी टीम का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. हर मुकाबले के साथ भारतीय मुक्केबाज अपने दमदार खेल से दुनिया को प्रभावित कर रहे हैं. इसी कड़ी में पुरुषों के 80 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को हराकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया. मुकाबले की शुरुआत भले ही उनके लिए कठिन रही, लेकिन जिस आत्मविश्वास और धैर्य के साथ उन्होंने वापसी की, उसने इस जीत को और भी खास बना दिया.

ऐसे बदला मुकाबले का पूरा समीकरण

फाइनल मुकाबले के शुरुआती राउंड में अंकुश पंघाल को स्टैंडिंग काउंट का सामना करना पड़ा, जिसके चलते पांचों जजों के स्कोरकार्ड पर वह 9-10 से पीछे हो गए. शुरुआती झटके के बावजूद उन्होंने अपना संयम नहीं खोया और दूसरे राउंड में पूरी रणनीति के साथ रिंग में उतरे. आक्रामक पंचों और शानदार फुटवर्क के दम पर उन्होंने अंग्रेज मुक्केबाज पर लगातार दबाव बनाया. इसी दौरान डिमेजी शिट्टू के फाउल के कारण उनका एक अंक काटा गया, जिससे मुकाबले का संतुलन भारतीय खिलाड़ी की ओर झुक गया और तीन जजों के कार्ड्स पर अंकुश बढ़त बनाने में सफल रहे.

पेनल्टी बनी इंग्लिश मुक्केबाज की हार की वजह

तीसरे और अंतिम राउंड में भी अंकुश पंघाल ने अपनी लय बरकरार रखी, जबकि दबाव में आए डिमेजी शिट्टू लगातार गलतियां करते रहे. नियमों के उल्लंघन पर उन्हें दूसरी बार भी पेनल्टी झेलनी पड़ी और एक और अंक गंवाना पड़ा. लगातार दो अंक कटने के बाद उनके लिए मुकाबले में वापसी लगभग असंभव हो गई. आखिरकार जजों ने अंकुश पंघाल को विजेता घोषित किया और भारत के नाम मुक्केबाजी में एक और स्वर्ण पदक दर्ज हो गया.

मुक्केबाजी में भारत का स्वर्णिम अभियान जारी

अंकुश पंघाल की इस जीत के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग स्पर्धा भारत के लिए ऐतिहासिक बन गई है. भारतीय मुक्केबाज अब तक सात गोल्ड और दो सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुके हैं, जो टीम के शानदार प्रदर्शन की गवाही देता है. साक्षी चौधरी और सचिन सिवाच के बाद अंकुश ने भी स्वर्ण जीतकर भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया है. खास बात यह है कि बॉक्सिंग में भारत के खाते में अभी एक और गोल्ड मेडल आने की उम्मीद बाकी है, जिससे यह अभियान और भी यादगार बन सकता है.

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