सासाराम: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सासाराम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने पहले चरण में ही “जंगलराज” की वापसी की कोशिशों को नकार दिया है. उन्होंने दावा किया कि एनडीए (NDA) की सरकार बनना अब तय है, बस लोगों को सजग रहना होगा ताकि किसी भी तरह की गलती से राज्य फिर अराजकता के दौर में न लौट जाए.
शाह ने कहा, "यह मेरी बिहार में 37वीं सभा है. पहले चरण के मतदान के बाद ही जनता ने तय कर दिया है कि अब बिहार में विकास का रास्ता रुकने नहीं देंगे. लेकिन अगर एक गलती भी हुई, तो लालू-राबड़ी का जंगलराज लौट आएगा."
चेहरा बदलकर आए हैं जंगलराज वाले
गृह मंत्री ने अपने भाषण में राजद (RJD) और कांग्रेस पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि "इस बार जंगलराज वाले लोग नए चेहरे के साथ आए हैं, लेकिन उनकी सोच वही पुरानी है."
शाह ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि “ये लोग विकास नहीं, सत्ता की राजनीति करते हैं.”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “लालू और राहुल की जोड़ी ने हाल में यात्रा निकाली थी. उनका मकसद था घुसपैठियों को बचाना. लेकिन बिहार की जनता समझदार है, उन्हें पता है कि घुसपैठिए नौजवानों की नौकरियां छीन रहे हैं और देश की सुरक्षा को खतरा पहुँचा रहे हैं.”
घुसपैठियों का वोट नहीं चाहिए
अमित शाह ने सासाराम और सुपौल की सभाओं में एक ही बात दोहराई कि भारत की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा. उन्होंने कहा, "हमें घुसपैठियों के वोट की जरूरत नहीं है. बिहार का मुख्यमंत्री कोई घुसपैठिया तय नहीं करेगा. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव भले ही उन्हें बचाने की कोशिश करें, लेकिन हम देश से हर एक घुसपैठिए को बाहर निकालेंगे."
उन्होंने आगे कहा कि "यह चुनाव दो विचारधाराओं के बीच है- एक तरफ एनडीए है जो विकास और सुरक्षा की बात करता है, और दूसरी ओर महागठबंधन है जो सत्ता के लिए कुछ भी कर सकता है."
महिलाओं और युवाओं को लेकर ऐलान
अपने भाषण में शाह ने महिलाओं को लेकर जीविका दीदी योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि एनडीए सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा, "हमने महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपए दिए हैं, और विपक्ष कह रहा है कि यह पैसा वापस ले लिया जाएगा. मैं यहाँ से वादा करता हूँ कि न सिर्फ यह पैसा वापस नहीं लिया जाएगा, बल्कि हमारी सरकार आने पर यह राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपए तक की जाएगी."
उन्होंने लालू प्रसाद यादव पर हमला करते हुए कहा, "लालू यादव को इन पैसों से तकलीफ़ हो रही है, लेकिन मैं साफ कहता हूँ- उनकी तीन पीढ़ियाँ भी जीविका दीदी के पैसे को छू नहीं सकतीं."
ठगबंधन एक-दूसरे से ही लड़ रहा है
अमित शाह ने विपक्षी दलों पर “ठगबंधन” का टैग लगाते हुए कहा कि "महागठबंधन के दल जनता से ज़्यादा आपस में ही लड़ रहे हैं."
उन्होंने कहा, "बिहार की जनता के सामने दो रास्ते हैं- एक तरफ लालू-राबड़ी का जंगलराज और दूसरी तरफ मोदी-नीतीश का विकासराज. जनता ने पहले चरण में ही बता दिया है कि उन्हें कौन सा रास्ता पसंद है."
शाह ने कहा कि एनडीए की सरकार ने बिहार में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम किया है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे “झूठे वादों और परिवारवाद की राजनीति” से दूर रहें.
बिहार के विकास पर बोले शाह
पूर्णिया की सभा में शाह ने बिहार के औद्योगिक विकास का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि एनडीए सरकार आने वाले वर्षों में राज्य में 25 नई चीनी मिलें लगाने की योजना बना रही है. इनमें से एक मिल पूर्णिया के बनमनखी में स्थापित की जाएगी.
उन्होंने कहा, "हम बिहार को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं. हर जिले में उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. लेकिन लालू और तेजस्वी की सरकार आती है, तो सिर्फ जातिवाद और भ्रष्टाचार लौटेगा."
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