Amit Shah On Demographic Change: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश की सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त संदेश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार सीमावर्ती राज्यों में जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर गंभीर है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
त्रिपुरा के लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, “पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार में जनसांख्यिकीय बदलाव सहन नहीं किए जाएंगे. केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में मौजूद खामियों को भरने के लिए हर संभव कदम उठा रही है.”
सीमा सुरक्षा को तकनीक से मिलेगी नई मजबूती
गृह मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. इस योजना को शुरुआती तौर पर देश के 7 से 8 चुनिंदा स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा. इसके परिणामों के आधार पर इसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में आधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. इससे सीमा प्रबंधन अधिक प्रभावी और मजबूत बनने की उम्मीद है.
Addressing the BSF personnel at Lankamura Border Outpost on the India-Bangladesh Border in Tripura. https://t.co/rh8iaYAHm3
— Amit Shah (@AmitShah) June 5, 2026
जवानों की सराहना
अमित शाह ने सीमा पर तैनात बीएसएफ कर्मियों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि जवान कठिन परिस्थितियों में दिन-रात सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और उनकी सतर्कता ही देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है.
आधुनिक उपकरणों का होगा इस्तेमाल
स्मार्ट बॉर्डर परियोजना के तहत निगरानी व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा. इसमें ड्रोन, सेंसर नेटवर्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और अन्य आधुनिक उपकरण शामिल होंगे. इन तकनीकों की मदद से सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ के प्रयासों की समय रहते पहचान की जा सकेगी.
अवैध घुसपैठ पर सरकार की नजर
गृह मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर लगातार चिंताएं जताई जाती रही हैं. केंद्र सरकार का मानना है कि मजबूत सीमा प्रबंधन न केवल सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाएगा.
सरकार का फोकस अब तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर समन्वय के जरिए सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने पर है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को प्रभावी ढंग से रोका जा सके.
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