तूफान से पहले की शांति... ईरान को लेकर ट्रंप के इस पोस्ट ने मचाई हलचल, क्या फिर होगा युद्ध का आगाज?

Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. दोनों देशों के बीच सीजफायर के बाद उम्मीद की जा रही थी कि हालात सुधर सकते हैं और बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकल सकता है, लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा.

america This post of donald Trump regarding Iran created a stir will war start again
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Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. दोनों देशों के बीच सीजफायर के बाद उम्मीद की जा रही थी कि हालात सुधर सकते हैं और बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकल सकता है, लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा.

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं. ऐसे में दोनों देशों के बीच फिर से संघर्ष बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

ट्रंप की पोस्ट ने बढ़ाई चर्चा

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर नया विवाद खड़ा कर दिया है. यह तस्वीर AI से बनाई गई बताई जा रही है. तस्वीर में ट्रंप लाल रंग की “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” टोपी पहने एक वॉरशिप पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. उनके साथ अमेरिकी नौसेना का एक अधिकारी भी नजर आ रहा है. तस्वीर के पीछे समुद्र और एक ईरानी जहाज भी दिखाई दे रहा है.

“तूफान से पहले की शांति” लिखकर दिया संकेत

ट्रंप ने तस्वीर के साथ लिखा, “तूफान से पहले की शांति.” इसके बाद दुनियाभर में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी बड़े कदम की तैयारी कर रहा है. ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी भी दे रहे हैं. उनका कहना है कि अगर ईरान जल्द समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

बातचीत जारी, लेकिन भरोसे की कमी

हालांकि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन भरोसे की कमी अब भी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है. यही वजह है कि किसी ठोस समझौते तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है.

ईरान की मांगों पर अटका मामला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने बातचीत में कई बड़ी शर्तें रखी हैं. ईरान चाहता है कि लेबनान समेत दूसरे क्षेत्रों में चल रहे सैन्य संघर्ष पूरी तरह रोके जाएं. इसके अलावा ईरान की मांग है कि अमेरिका उस पर लगे सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध हटाए. 

साथ ही विदेशों में रोकी गई उसकी संपत्ति और फंड भी तुरंत जारी किए जाएं. ईरान ने यह भी कहा है कि युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की जाए और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को उसकी संप्रभुता का हिस्सा माना जाए.

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