UFC Event In White House: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क सिटी के नव-निर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी की हालिया मुलाकात मीडिया और जनता के लिए कई चौंकाने वाली बातें लेकर आई. यह दोनों नेताओं की पहली औपचारिक बैठक थी, जिसमें राजनीतिक चर्चा के अलावा कुछ ऐसे किस्से भी सामने आए जो उम्मीद से बिल्कुल अलग थे.
ममदानी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि व्हाइट हाउस में उन्हें सबसे अजीब और हैरान करने वाली चीज़ क्या लगी. उनका कहना है कि उन्होंने ट्रंप के ऑफिस में एक फाइल देखी, जिसका शीर्षक था “UFC at the Oval Office”. शुरुआत में ममदानी ने सोचा कि यह कोई सामान्य दस्तावेज़ या रिपोर्ट होगी, लेकिन जब उन्होंने इसे खोला, तो उन्हें पता चला कि यह व्हाइट हाउस में अगले साल आयोजित होने वाले UFC इवेंट की पूरी योजना थी.
व्हाइट हाउस में फाइटिंग एरिना!
UFC, यानी Ultimate Fighting Championship, अमेरिका की सबसे मशहूर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) संस्था है. इसका मुख्यालय लास वेगास में है, लेकिन ट्रंप इस बार इसे व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं.
ममदानी ने बताया कि इस फाइल में ऑक्टागन के आकार वाले फाइटिंग एरिना की ड्रॉइंग्स भी थीं, जो साफ दिखाती हैं कि कैसे व्हाइट हाउस के सामने फाइट रिंग बनाई जाएगी. उन्होंने मज़ाक में कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि कभी ऐसा देखा जाएगा कि व्हाइट हाउस में UFC की फाइटें होंगी.
यह इवेंट 14 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा, जो खास तौर पर अमेरिका की 250वीं सालगिरह और ट्रंप के 80वें जन्मदिन के अवसर पर रखा गया है. इवेंट से एक दिन पहले, यानी 13 जून को, लिंकन मेमोरियल के सामने फाइटरों का वे-इन (वजन तौलने का कार्यक्रम) भी आयोजित किया जाएगा.
इवेंट में कितने लोग होंगे और सुरक्षा का इंतजाम
UFC के अध्यक्ष डैना व्हाइट ने सितंबर में बताया था कि यह इवेंट सामान्य आयोजनों की तुलना में बड़ा नहीं होगा. सुरक्षा कारणों से केवल 5,000 दर्शकों को ही शामिल किया जाएगा, जबकि ट्रंप पहले इसकी क्षमता 25,000 लोगों तक बताने का दावा कर चुके थे.
यह इवेंट ट्रंप और UFC के अध्यक्ष डैना व्हाइट के पुराने रिश्ते की भी झलक देता है. दोनों लंबे समय से दोस्त हैं और ट्रंप कई बार UFC इवेंट्स में नजर आए हैं. इस कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और आयोजन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
राजनीति और निजी बातचीत
हालांकि चुनाव के दौरान ट्रंप और ममदानी के बीच बहसें और तीखे बयानबाजी हुई थी, लेकिन व्हाइट हाउस में मुलाकात के दौरान माहौल नरम रहा. ममदानी ने कहा कि उन्होंने ट्रंप को पहले “फासिस्ट” कहा था, लेकिन ट्रंप ने इसे हल्के में लेते हुए कहा: “ठीक है, उन्होंने मुझे फासिस्ट कहा, इससे कोई बात नहीं.”
ममदानी ने साफ किया कि वे आज भी ट्रंप को तानाशाही प्रवृत्ति वाला और फासिस्ट मानते हैं. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मुलाकात पूरी तरह न्यूयॉर्क के नागरिकों के हितों के लिए उपयोगी रही. उनका मकसद किसी बहस या विवाद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि शहर और लोगों के लिए ठोस काम करना है.
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