पोलैंड में एक एयर शो की तैयारी के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जब पोलिश एयर फोर्स का एक F-16 फाइटर जेट रिहर्सल के दौरान क्रैश हो गया. इस हादसे में विमान के पायलट की जान चली गई. इस त्रासदी ने एक बार फिर अमेरिकी तकनीक से बने इस लड़ाकू विमान की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर वैश्विक स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अमेरिका द्वारा विकसित F-16, जिसे 'फाइटिंग फाल्कन' के नाम से भी जाना जाता है, एक सुपरसोनिक, सिंगल-इंजन और मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है. इसे 1970 के दशक में जनरल डायनामिक्स (अब लॉकहीड मार्टिन) द्वारा विकसित किया गया था. इसकी अधिकतम गति मैक 2 (लगभग 2400 किमी/घंटा) तक होती है और यह हर मौसम में उड़ान भरने की क्षमता रखता है. इस विमान में उन्नत रडार तकनीक लगी है, जो करीब 84 किलोमीटर की दूरी तक एक साथ 20 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है. इसकी हथियार वहन क्षमता करीब 7700 किलोग्राम है, जो इसे काफी घातक बनाती है.
कितनी बार हुआ है F-16 का हादसा?
F-16 को अब तक 25 से अधिक देशों द्वारा अपनाया जा चुका है और 1974 से लेकर अब तक इसके 4,500 से ज्यादा यूनिट्स बनाए जा चुके हैं. लेकिन एविएशन सेफ्टी नेटवर्क के आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 748 से अधिक विमानों को अलग-अलग हादसों में गंवाया जा चुका है.
हाल के वर्षों में F-16 के कई हादसे सामने आए हैं:
अगस्त 2024: रूस पर हमले के दौरान यूक्रेन में एक F-16 क्रैश हुआ. फरवरी 2025: एक और मिशन में विमान हादसे का शिकार हुआ, जिसमें पायलट की जान गई. मई 2025: एक और रूसी हमले में यह विमान नष्ट हो गया.इसके अलावा दक्षिण कोरिया, न्यू मैक्सिको और सिंगापुर में भी इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं.
पाकिस्तान और भारत से भी जुड़ा है इतिहास
पाकिस्तान की वायुसेना ने अमेरिका से लगभग 75 F-16 फाइटर जेट खरीदे हैं और ये उसके बेड़े का अहम हिस्सा हैं. भारत-पाकिस्तान के बीच 2019 के 'ऑपरेशन बंदर' के दौरान भारतीय वायुसेना ने भी एक F-16 विमान को मार गिराया था, जिसे पाकिस्तान ने शुरू में खारिज किया था.
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