मध्य पूर्व में तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को एक बड़ा झटका देते हुए राजधानी तेहरान में स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक भूमिगत मुख्यालय पर बड़ा हवाई हमला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में अत्याधुनिक B-2 बॉम्बर विमानों और बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे भारी तबाही हुई है.
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने IRGC के उस ठिकाने को निशाना बनाया जहां वरिष्ठ कमांडरों की मौजूदगी बताई जा रही थी. हमले के बाद जब राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं, उसी दौरान दोबारा एयरस्ट्राइक की गई. इस ‘डबल स्ट्राइक’ रणनीति के चलते न केवल सैन्य अधिकारी बल्कि बचाव दल के कुछ सदस्यों के भी हताहत होने की आशंका जताई जा रही है.
बताया जा रहा है कि इन हमलों में विशेष रूप से गहरे बंकरों को तबाह करने वाले बंकर-बस्टर बमों का उपयोग किया गया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक निशाना बनाया गया ठिकाना पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और वहां मौजूद कई वरिष्ठ कमांडरों के मारे जाने की संभावना है.
36 घंटे की लंबी उड़ान के बाद हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऑपरेशन CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के निर्देश पर अंजाम दिया गया. अमेरिकी B-2 बॉम्बर विमानों ने व्हाइटमैन एयर फ़ोर्स बेस से उड़ान भरी और करीब 36 घंटे के मिशन के बाद अपने लक्ष्य तक पहुंचकर बमबारी की.
ध्यान देने वाली बात यह है कि इसी प्रकार के बंकर-बस्टर हथियारों का इस्तेमाल पहले ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए भी किया जा चुका है.
हमले से पहले दी गई थी चेतावनी
यह एयरस्ट्राइक ऐसे समय में हुई है जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी. एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा था कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला गया, तो ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है.
ट्रंप ने यहां तक कहा था कि जरूरत पड़ी तो ईरान के ऊर्जा, पानी, गैस और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों को भी निशाना बनाया जाएगा.
वहीं, अमेरिकी रक्षा तंत्र से जुड़े अधिकारियों की ओर से भी संकेत मिले हैं कि हमले अभी जारी हैं और आने वाले समय में इनकी तीव्रता और बढ़ सकती है.
ईरान में प्रतिक्रिया, युवाओं से अपील
अमेरिका की इन चेतावनियों और हमलों के बाद ईरान में भी हलचल तेज हो गई है. ईरान के युवा एवं खेल उपमंत्री अलीरेजा रहीमी ने देशवासियों, खासकर युवाओं, कलाकारों और खिलाड़ियों से अपील की है कि वे देशभर में बिजली संयंत्रों के पास मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताएं.
इस अपील का मकसद संभावित अमेरिकी हमलों के खिलाफ एकजुटता दिखाना और महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया जा रहा है.
ये भी पढ़ें- Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह बारिश, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल