Amazon पर CCPA का बड़ा एक्शन, श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद के नाम से बेच रहा था मिठाई, लगा जुर्माना

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CCPA ने ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से सामान्य मिठाइयों की बिक्री और विज्ञापन से जुड़े मामले में Amazon Seller Services Private Limited पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है.

amazon-fined-for-misleading-ayodhya-Ram-Mandir-prasad-listing
Image Source: Social Media

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CCPA ने ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से सामान्य मिठाइयों की बिक्री और विज्ञापन से जुड़े मामले में Amazon Seller Services Private Limited पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है. प्राधिकरण ने इसे उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला और भ्रामक विज्ञापन माना है.

बिना अनुमति प्रसाद के नाम का इस्तेमाल

CCPA के मुताबिक, जिन उत्पादों को ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से बेचा जा रहा था, उनके लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अनुमति लिए जाने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया. सामान्य मिठाइयों को मंदिर के प्रसाद के तौर पर पेश करने से ग्राहक को उत्पाद की वास्तविकता और धार्मिक प्रामाणिकता को लेकर गलत धारणा बन सकती थी.

धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है मामला

प्राधिकरण ने अपने आदेश में इस मामले को केवल उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन तक सीमित नहीं माना. CCPA का कहना है कि किसी प्रमुख धार्मिक स्थल के नाम का गलत तरीके से इस्तेमाल करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी प्रभावित कर सकता है. खास तौर पर जब ऐसी वस्तुएं देशभर में डिलीवरी के लिए उपलब्ध हों, तब बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उनकी मौजूदगी उपभोक्ताओं के भरोसे को और मजबूत कर सकती है.

प्राण प्रतिष्ठा से पहले हुई थी लिस्टिंग

CCPA ने इस मामले में लिस्टिंग के समय को भी महत्वपूर्ण माना. प्राधिकरण के अनुसार, ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ होने का दावा करने वाले उत्पाद 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले अमेजन पर उपलब्ध थे. यह उस समय देश में सबसे चर्चित और प्रतीक्षित धार्मिक आयोजनों में से एक था, जिसके कारण ऐसे दावे का प्रभाव आम उपभोक्ताओं पर अधिक पड़ सकता था.

नोटिस के बाद अमेजन ने हटाई लिस्टिंग

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने 19 जनवरी 2024 को अमेजन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इसके बाद कंपनी ने संबंधित उत्पादों की लिस्टिंग अपने प्लेटफॉर्म से हटा दी. हालांकि, अमेजन ने अपनी भूमिका को एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस और मध्यस्थ के तौर पर बताया, लेकिन CCPA ने माना कि इतनी व्यापक पहुंच वाले प्लेटफॉर्म को भ्रामक दावों वाली लिस्टिंग रोकने के लिए उचित सावधानी पहले से बरतनी चाहिए थी.

विक्रेता की बिक्री और प्लेटफॉर्म की भूमिका की भी जांच 

प्राधिकरण ने यह भी उल्लेख किया कि संबंधित लिस्टिंग पूरे देश में डिलीवरी के लिए उपलब्ध थीं. एक विक्रेता, चंदू ट्रेडिंग कंपनी की लिस्टिंग से ₹25,26,309 की सकल बिक्री होने की बात सामने आई. वहीं, अमेजन को अपने सामान्य मार्केटप्लेस मॉडल के तहत कमीशन या अन्य शुल्क के रूप में आय हुई. इसी आधार पर CCPA ने प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी को भी मामले में महत्वपूर्ण माना.

CCPA ने लगाया ₹1 लाख का जुर्माना

CCPA ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और ई-कॉमर्स नियम, 2020 के प्रावधानों के तहत अमेजन को भ्रामक विज्ञापन के लिए जिम्मेदार ठहराया. इसके बाद Amazon Seller Services Private Limited पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया है. प्राधिकरण ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह निर्धारित अवधि के भीतर यह राशि CCPA के पास जमा करे.

धार्मिक प्रसाद की ऑनलाइन बिक्री पर बढ़ेगी निगरानी

इस कार्रवाई के साथ CCPA ने अमेजन को धार्मिक संस्थानों से जुड़े प्रसाद, प्रसादम, महाप्रसाद और भोग जैसे उत्पादों की लिस्टिंग को लेकर सख्त निर्देश भी दिए हैं. अब ऐसे उत्पादों को संबंधित मंदिर या धार्मिक संस्था की सत्यापित अनुमति के बिना लिस्ट या विज्ञापित नहीं किया जाना चाहिए. इसके साथ विक्रेता की पूरी जानकारी, पता, ग्राहक सेवा नंबर और शिकायत अधिकारी का विवरण प्रमुखता से दिखाने का निर्देश दिया गया है. 

ये भी पढ़ें: PNB में है पुराना खाता तो हो जाएं सावधान! इन ग्राहकों के खाते हो सकते हैं बंद, बैंक ने जारी किया बड़ा अलर्ट