Amarnath Yatra: देश की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा गुरुवार (3 जुलाई 2026) से कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हो गई. नुनवान और बालटाल मार्ग से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के पवित्र हिमलिंग के दर्शन के लिए रवाना हुआ. यात्रा की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए एक संदेश जारी किया और सभी यात्रियों से पांच महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने की अपील की.
अमरनाथ यात्रा आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक- PM मोदी
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि अमरनाथ यात्रा में शामिल होना हर शिवभक्त के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है. उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा के बाद बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू होता है और हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनने जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता का भी प्रतीक है. अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े श्रद्धालु एक ही उद्देश्य के साथ भगवान शिव के दर्शन के लिए इस कठिन यात्रा को पूरा करते हैं.
यात्रा को सफल बनाने वालों का जताया आभार
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में अमरनाथ यात्रा के सफल संचालन में जुटे सभी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर प्रशासन वर्षों से सेवा भावना के साथ यात्रा का संचालन कर रहे हैं. इसके साथ ही सेना, CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस, ITBP, BSF, NDRF, स्वास्थ्य विभाग, सफाईकर्मी और प्रशासनिक अधिकारियों के योगदान की भी उन्होंने प्रशंसा की. प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारों कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने का आग्रह
प्रधानमंत्री मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील की.
1. स्वच्छता बनाए रखें
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और पूरे मार्ग को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें.
2. सुरक्षा नियमों का पालन करें
श्रद्धालुओं से प्रशासन के दिशा-निर्देश, यातायात नियम और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई. साथ ही बारिश, फिसलन और ठंड से सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई.
3. स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें
प्रधानमंत्री ने 'वोकल फॉर लोकल' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान होने वाले खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि जम्मू-कश्मीर के स्थानीय व्यापारियों और युवाओं को आर्थिक लाभ मिल सके.
4. पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें
उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर भाई या बहन को एक पौधा भेंट करने और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने का आह्वान किया.
5. राष्ट्र निर्माण में योगदान दें
प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लेने का आग्रह किया.
सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि अमरनाथ यात्रा इस वर्ष भी सनातन आस्था, सेवा और राष्ट्रीय एकता का भव्य उत्सव बनेगी. उन्होंने बाबा बर्फानी से सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा की प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान शिव सभी के जीवन में नई ऊर्जा, आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक शक्ति का संचार करें, ताकि हर नागरिक अपने कर्तव्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सके.
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