Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र और देश की राजनीति आज एक गहरी चोट महसूस कर रही है. राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक दुखद विमान हादसे में निधन हो गया, जिसने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है. बुधवार सुबह पुणे के पास हुए इस हादसे में अजित पवार के साथ चार अन्य लोग भी अपनी जान गंवा बैठे.
इस हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीतिक और सामाजिक दुनिया को हिलाकर रख दिया है. अजित पवार का निधन एक ऐसे दौर में हुआ है जब वे राज्य और देश के विकास के अनेक महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय थे.
#WATCH | Baramati, Pune: Mortal remains of Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar being taken from Baramati hospital
— ANI (@ANI) January 28, 2026
His remains will be kept at Vidya Pratishthan ground for the public to pay their last respects pic.twitter.com/6E2QsEhOft
अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने घोषणा की है कि अजित पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया जाएगा. पार्टी के अनुसार इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीन नवीन शामिल होंगे. इसके अलावा अन्य राजनीतिक दलों के कई बड़े नेता भी शोक व्यक्त करने और अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहेंगे.
अजित पवार की याद में लोग अपने-अपने तरीके से शोक व्यक्त कर रहे हैं. उनके जीवन की उपलब्धियों, समाज सेवा और राजनीति में योगदान को याद करते हुए नागरिकों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के जरिए संवेदना व्यक्त की है.
महाराष्ट्र सरकार ने घोषित किया तीन दिन का राजकीय शोक
अजित पवार के असामयिक निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने पूरे राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. 28 जनवरी से 30 जनवरी तक राजकीय शोक मनाया जाएगा. इस अवधि में सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा.
इसके अलावा शोक के दौरान किसी भी प्रकार के आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा. सरकार की इस घोषणा से राज्यवासियों को भी इस दुख की घड़ी में भाग लेने और श्रद्धांजलि देने का अवसर मिलेगा.
विमान हादसा और नुकसान
बुधवार की सुबह पुणे के पास अजित पवार को ले जा रहा चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में कुल पाँच लोगों की मौत हुई. मृतकों में अजित पवार के अलावा उनके PSO विदीप जाधव, पायलट कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिकी माली शामिल हैं. हादसा बारामती में लैंडिंग के समय हुआ. सुबह धुंध और कम विजिबिलिटी के कारण पायलट को पहली बार में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली.
बाद में रनवे दिखाई देने के बाद लैंडिंग की कोशिश हुई, लेकिन विमान सही तरीके से रनवे पर नहीं उतर सका और दुर्घटना का शिकार हो गया. इस हादसे ने राज्य में राजनीतिक शोक और संवेदनाओं की एक लहर पैदा कर दी है. अधिकारी और नागरिक सभी इस घटना के कारण स्तब्ध हैं और हादसे में मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट कर रहे हैं.
अजित पवार का जीवन और योगदान
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रतिष्ठित और सक्रिय नेता के रूप में जाने जाते थे. वे राज्य के विकास, ग्रामीण क्षेत्रों की बेहतरी और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए हमेशा कार्यरत रहे. उनके निधन से राज्य की राजनीति और सामाजिक सेवाओं में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है.
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अजित पवार का निधन केवल परिवार और मित्रों के लिए ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और देश के लिए भी अपूरणीय क्षति है. उनके नेतृत्व और अनुभव का कोई विकल्प आसानी से नहीं भर सकता.
पूरे राज्य में शोक और श्रद्धांजलि
अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने शोक जताया. सड़क पर, घरों में और सोशल मीडिया पर लोग अपने संदेश भेज रहे हैं. उनके योगदान को याद करते हुए कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
राज्य सरकार की ओर से तीन दिन के राजकीय शोक के दौरान सभी प्रशासनिक गतिविधियों में शांति और गंभीरता बरती जा रही है. यह समय नागरिकों और नेताओं के लिए उनके जीवन को याद करने और उनके योगदान को सम्मान देने का है.
ये भी पढ़ें- Uttarakhand: धामी कैबिनेट की बैठक में 8 प्रस्तावों पर लगी मुहर, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को भी मिली मंजूरी