फर्जी दूतावास के बाद 'इंटरनेशनल पुलिस' का झोल, नोएडा पुलिस किया भंडाफोड़, जानें पूरा मामला

Noida fake police office: एक हैरान कर देने वाले मामले में नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसी बताकर एक फर्जी पुलिस कार्यालय चला रहा था.

After the fake embassy International Police is in trouble Noida Police exposed it
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Noida fake police office: एक हैरान कर देने वाले मामले में नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसी बताकर एक फर्जी पुलिस कार्यालय चला रहा था. थाना फेज-3 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेक्टर 70 में संचालित इस अवैध दफ्तर को सील कर, मौके से भारी मात्रा में जाली दस्तावेज, नकली पहचान पत्र, पासबुक और चेकबुक जब्त की हैं.

पुलिस के अनुसार, यह फर्जी कार्यालय 'इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो' के नाम से चलाया जा रहा था, जिसका न तो कोई सरकारी दर्जा था और न ही कानूनी मान्यता. गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो सभी पश्चिम बंगाल के निवासी बताए जा रहे हैं.

फर्जी दूतावास की तर्ज पर रचा गया जाल

जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने जून महीने में सेक्टर 70 में एक मकान किराए पर लिया और बीते सप्ताह से वहां बोर्ड लगाकर 'पुलिस ऑफिस' जैसा माहौल तैयार कर दिया. कार्यालय की सजावट, प्रतीक चिन्ह और यहां तक कि बोर्ड का रंग भी किसी असली पुलिस स्टेशन से मिलता-जुलता था.

इनके पास से नकली स्टैम्प, लेटरहेड और सरकारी प्रतीकों की फोटोकॉपी भी बरामद हुई है. आरोपी खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा एजेंसी का हिस्सा बताते थे और आम लोगों से 'जांच' या 'वेरिफिकेशन' के नाम पर संपर्क कर रहे थे.

पुलिस की सतर्कता से वक्त रहते खुला राज

पुलिस को इस अवैध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद पहले गोपनीय जांच की गई, फिर एक योजनाबद्ध छापेमारी में पूरे गिरोह को दबोच लिया गया. पुलिस का मानना है कि इनका उद्देश्य एक पैरलल पुलिस सिस्टम जैसा ढांचा खड़ा करना था, ताकि लोगों को भ्रमित कर अवैध गतिविधियां की जा सकें.

मामला गाजियाबाद के फर्जी दूतावास जैसा

यह पूरा मामला कुछ समय पहले गाजियाबाद में पकड़े गए फर्जी दूतावास के केस से मेल खाता है, जहां सरकारी पहचान और अधिकारों की आड़ में आम जनता को ठगा जा रहा था. नोएडा में पकड़ा गया यह नेटवर्क भी उसी प्रकार से सरकारी छवि का दुरुपयोग कर रहा था. फिलहाल पुलिस आरोपियों के नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और पूर्व में की गई गतिविधियों की गहन जांच में जुट गई है.

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