जिसको अमेरिका ने दी ट्रेनिंग, उसी ने मचाई तबाही... व्हाइट हाउस के पास फायरिंग करने वाले पर बड़ा खुलासा

अमेरिकी राजधानी में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब व्हाइट हाउस से थोड़ी ही दूरी पर तैनात नेशनल गार्ड के जवानों पर गोलीबारी कर दी गई.

afghan attacker Who opened fire near the White House US
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अमेरिकी राजधानी में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब व्हाइट हाउस से थोड़ी ही दूरी पर तैनात नेशनल गार्ड के जवानों पर गोलीबारी कर दी गई. इस हमले में दो सैनिक घायल हुए, जबकि हमलावर को मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत काबू कर लिया. बाद में एफबीआई ने हमलावर की पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में की.

घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे आतंकी हमला बताया और घोषणा की कि अमेरिका अफगान नागरिकों की एंट्री तुरंत प्रभाव से स्थगित कर रहा है. मामला जितना गंभीर था, उससे कहीं अधिक चौंकाने वाला वह खुलासा है जो लाकनवाल की पृष्ठभूमि से सामने आया है.

अफगानिस्तान में था अमेरिका समर्थित यूनिट का हिस्सा

जांच में सामने आया कि लाकनवाल वर्ष 2021 में अफगानिस्तान छोड़कर अमेरिका आया था. उसने 2024 में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था, जिसे इसी वर्ष मंजूरी भी मिल गई.

सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि लाकनवाल पहले अफगानिस्तान की पूर्व गणराज्य सेना की 01 यूनिट में कार्यरत था- एक ऐसी यूनिट जिसे सीधे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने तैयार किया था, जिसमें प्रशिक्षण से लेकर हथियारों की आपूर्ति तक सब कुछ अमेरिका ने किया था.

कई रिपोर्टों के अनुसार, इस विशेष यूनिट के कई सदस्य अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. कुछ मामलों में उनके व्यवहार में अस्थिरता देखी गई, जिसके चलते आत्महत्या और हिंसक घटनाओं की भी जानकारी पहले सामने आती रही है.

फैरागट वेस्ट स्टेशन के पास मचा हड़कंप

हमला वॉशिंगटन डी.सी. के Farragut West Metro Station के पास हुआ. प्रारंभिक जांच में पाया गया कि लाकनवाल कुछ समय तक इलाके में घूमता रहा और दोपहर लगभग 2:15 बजे उसने अचानक गोली चलाना शुरू कर दिया.

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार—

  • उसने सबसे पहले एक महिला नेशनल गार्ड पर निशाना साधा और उसे सीने तथा सिर में गोली मारी.
  • इसके बाद उसने वहां मौजूद दूसरे गार्ड पर फायर किया.
  • पास ही मौजूद तीसरे गार्ड ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की और लाकनवाल पर चार गोलियां चला दीं, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया.
  • हमलावर को गंभीर हालत में लगभग निर्वस्त्र अवस्था में एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया.

एफबीआई और जस्टिस डिपार्टमेंट माने आतंकवादी हमला

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने घोषणा की कि इस मामले की जांच आतंकी हमले के रूप में की जा रही है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या लाकनवाल का किसी बाहरी संगठन से संपर्क था या उसकी मानसिक स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी थी कि वह अकेले ही इस हमले को अंजाम दे बैठा.

जिम्मेदारों को कड़ी सज़ा मिलेगी- ट्रंप

हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि इस घटना में शामिल हर व्यक्ति “भारी कीमत चुकाएगा.” उनके निर्देश पर पेंटागन ने तत्काल 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड्स वॉशिंगटन डी.सी. में तैनात करने का आदेश जारी किया ताकि राजधानी की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके.

ट्रंप ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान से आने वाले नागरिकों पर सुरक्षा जांच को और कड़ा किया जाएगा और अस्थायी रूप से उनकी एंट्री रोक दी जाएगी.

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