ट्रंप-मस्क के बीच शुरू हुई जुबानी जंग, राष्ट्रपति बोले- मैंने उनकी बहुत मदद की है, अब निराश हूं

अमेरिका की राजनीतिक और तकनीकी दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली चेहरों- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला-स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क के बीच अब खुला मतभेद सामने आ गया है.

A war of words started between Trump and Musk
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

वॉशिंगटन: अमेरिका की राजनीतिक और तकनीकी दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली चेहरों- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला-स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क के बीच अब खुला मतभेद सामने आ गया है. हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की सरकारी खरीद और सब्सिडी में कटौती के फैसले के बाद मस्क और ट्रंप के संबंधों में तनाव गहराता जा रहा है.

मैंने मदद की, अब मस्क आलोचक क्यों?

राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें मस्क के रवैये से गहरा आघात पहुंचा है.

“मस्क को हर लाइन की जानकारी थी, इस बिल में क्या है, उसे शायद यहां मौजूद किसी भी व्यक्ति से ज्यादा पता था. उन्हें तब कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन जैसे ही EV खरीद में कटौती की बात आई, वह विरोध में आ गए,” ट्रंप ने कहा.

ट्रंप ने यह भी कहा कि मस्क को अरबों डॉलर की सब्सिडी चाहिए, लेकिन सरकार के पास हर मांग को पूरा करने के लिए संसाधन नहीं हैं.

अगर मैं न होता, तो आप चुनाव हार जाते- मस्क

ट्रंप की टिप्पणी का जवाब मस्क ने तीखे अंदाज़ में X (पूर्व में ट्विटर) पर दिया. उन्होंने लिखा, "सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर ऊर्जा को मिलने वाली छूट खत्म कर दी, लेकिन तेल और गैस कंपनियों को मिलने वाली राहत वैसी ही बनी हुई है, जो न सिर्फ पक्षपातपूर्ण है, बल्कि दीर्घकालिक नीति के भी खिलाफ है."

उन्होंने ट्रंप के टैक्स बिल को भी 'अर्थशास्त्रीय अपराध' बताया और कहा कि यह घाटे को बढ़ाएगा, बजाय उसे कम करने के.

EV सब्सिडी बनाम फॉसिल फ्यूल समर्थन

असली मतभेद ट्रंप सरकार की हालिया नीति में निहित है जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की सरकारी खरीद में कमी और टैक्स क्रेडिट में संशोधन की बात है. यह फैसला देश के तेजी से बढ़ते EV सेक्टर को प्रत्यक्ष झटका देता है और यह वही सेक्टर है जहां मस्क की टेस्ला अग्रणी भूमिका निभाती है.

ट्रंप ने इसे “जरूरी बजट अनुशासन” बताया है, जबकि मस्क इसे भविष्य की तकनीक के साथ धोखा मानते हैं.

रिश्तों का उतार-चढ़ाव: पहले सहयोग, अब संघर्ष

एक समय था जब मस्क और ट्रंप के बीच सहयोगात्मक संबंध देखे गए थे. मस्क को ट्रंप सरकार के Department of Government Efficiency (DOGE) का नेतृत्व सौंपा गया था, ताकि संघीय खर्चों में कटौती की जा सके. लेकिन ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ नामक व्यापक व्यय कानून के दौरान मस्क ने नीति से असहमति जताई और DOGE से इस्तीफा दे दिया.

“मैंने लागत कटौती के लिए काम किया, लेकिन यह बिल उल्टा ही दिशा ले गया,” मस्क ने उस समय कहा था.

राजनीति का संघर्ष या नीति का टकराव?

इस घटनाक्रम के केंद्र में कई बड़े सवाल खड़े होते हैं:

  • क्या यह टकराव वास्तविक नीति मतभेद का संकेत है या फिर व्यक्तिगत हितों की टकराहट?
  • क्या एक टेक उद्यमी की राय को नीति निर्माण में अधिक वज़न मिलना चाहिए?
  • क्या ट्रंप प्रशासन अब तेल-गैस लॉबी की ओर अधिक झुका हुआ है?

विश्लेषकों के अनुसार, यह टकराव केवल ट्रंप और मस्क के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिका के ऊर्जा भविष्य, जलवायु नीति और औद्योगिक प्राथमिकताओं पर व्यापक बहस को जन्म दे रहा है.