Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने गलत फैसला लिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने इस हफ्ते तीसरी बार ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
अमेरिका ने क्यों किया हमला?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई. अमेरिका का दावा है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy को निशाना बनाया था.
अमेरिका का कहना है कि ईरान लगातार व्यापारिक जहाजों पर हमले कर रहा है. इसी वजह से उसकी उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल ऐसे हमलों में किया जाता है.
ईरान ने क्या कहा?
ईरान की IRGC नौसेना का कहना है कि जिस जहाज पर कार्रवाई की गई, वह तय समुद्री रास्ते से हट गया था और कई चेतावनियों के बाद भी नहीं रुका. इसी कारण उसे रोका गया. ईरान ने अमेरिका पर हालात बिगाड़ने का आरोप भी लगाया है.
होर्मुज स्ट्रेट फिर किया बंद
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद करने का ऐलान किया. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में दखल देना बंद नहीं करता, तब तक इस समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही नहीं होने दी जाएगी. ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उस पर आगे भी हमले हुए, तो वह क्षेत्र में मौजूद दूसरे सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना सकता है.
तटीय इलाकों में धमाकों की खबर
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद बंदर अब्बास और सीरिक जैसे तटीय शहरों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और पूरी दुनिया की नजर इस स्थिति पर बनी हुई है.
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