West Bengal Chief Secretary Order: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं, लेकिन रुझानों ने तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है. भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े से आगे निकलती दिख रही है. वहीं ममता बनर्जी ने अभी हार नहीं मानी है, लेकिन प्रशासन को अंदाजा हो गया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन हो सकता है. इसी वजह से अब सरकारी स्तर पर एहतियात बरती जा रही है.
मुख्य सचिव का सख्त निर्देश
राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने सभी विभागों के सचिवों को एक जरूरी आदेश जारी किया है. इसमें साफ कहा गया है कि किसी भी सरकारी फाइल या दस्तावेज को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. कोई भी कागज न तो कार्यालय से बाहर ले जाया जाए और न ही उसे हटाया या नष्ट किया जाए.
आदेश में यह भी कहा गया है कि बिना अनुमति के किसी भी दस्तावेज की फोटोकॉपी या स्कैनिंग नहीं की जाए. सभी फाइलों और उनसे जुड़े कागजात को सही तरीके से सुरक्षित रखना जरूरी है.

अधिकारियों को दी गई सीधी जिम्मेदारी
इस आदेश में विभागों के प्रमुखों और सचिवों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें कहा गया है कि वे खुद इस पूरे काम की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि कहीं कोई लापरवाही न हो. अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा.
आदेश जारी होने की बड़ी वजह
इस सख्त निर्देश के पीछे एक अहम कारण भी माना जा रहा है. चुनाव के दौरान बीजेपी के कई बड़े नेताओं, जैसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने कहा था कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो पिछले शासनकाल के मामलों की जांच कराई जाएगी. ऐसे में जरूरी है कि सभी सरकारी दस्तावेज सुरक्षित रहें, ताकि आगे किसी भी जांच में कोई परेशानी न हो.
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
कई बार देखा गया है कि जब किसी राज्य में सरकार बदलती है, तो कुछ महत्वपूर्ण फाइलें गायब हो जाती हैं या नष्ट कर दी जाती हैं. इसी तरह की स्थिति से बचने के लिए इस बार पहले ही सख्त कदम उठाया गया है.
ये भी पढ़ें- IPL 2026: आज मुंबई इंडियंस-लखनऊ सुपर जायंट्स की भिड़ंत; जानें पिच रिपोर्ट, प्लेइंग 11 और हेड टू हेड