लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम्, PM मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा, आसमान से हुई पुष्पवर्षा

80th Independence Day: भारत आज स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ को गर्व और देशभक्ति के उत्साह के साथ मना रहा है. राजधानी दिल्ली में लाल किला राष्ट्रीय समारोह का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराकर देश को संबोधित किया.

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80th Independence Day: भारत आज स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ को गर्व और देशभक्ति के उत्साह के साथ मना रहा है. राजधानी दिल्ली में लाल किला राष्ट्रीय समारोह का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराकर देश को संबोधित किया. इससे पहले प्रधानमंत्री ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के बलिदान को नमन किया. इस बार का समारोह खास इसलिए भी है क्योंकि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना और सार्वजनिक यात्रा के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी देश मना रहा है.

21 तोपों की सलामी और आसमान से पुष्पवर्षा

राजघाट से श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पहुंचे और प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया. ध्वजारोहण के साथ 1721 फील्ड बैटरी की सेरेमोनियल यूनिट ने स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी. इस सैन्य परंपरा की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली. तिरंगे के सम्मान में भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा की, जिसने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया.

150 साल के वंदे मातरम् की गूंज

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में सबसे बड़ा आकर्षण ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन रहा. आजादी के बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रगीत की गूंज सुनाई दी. लाल किले के सामने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति भी तैयार की गई, जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के साथ ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों समेत करीब 2,500 युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया. इस दृश्य ने राष्ट्रगीत के 150 वर्षों के गौरवशाली सफर को एक भावनात्मक राष्ट्रीय स्मृति में बदल दिया.

युवा शक्ति और विकसित भारत का संकल्प बना समारोह की थीम

इस साल स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ और ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखी गई है. समारोह में आजादी की विरासत को भविष्य के भारत के सपने से जोड़ने की कोशिश दिखाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भी इस ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है. तिरंगे की शान, सैन्य परंपरा और युवाओं की भागीदारी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस को देश के इतिहास और भविष्य के संकल्प से जोड़ दिया.

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