Cape Town Mass Shooting: दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी केप प्रांत में हिंसा की एक और भयावह घटना सामने आई है. शुक्रवार रात केपटाउन के फिलिपी ईस्ट इलाके में अज्ञात हमलावरों ने सात लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. यह गोलीबारी रोड आर53 पर हुई, जहां पीड़ितों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है.
पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए इसे "बिना सोचे-समझे की गई हिंसा" करार दिया है.
मौके पर पहुंची पुलिस, व्यापक तलाशी अभियान
दक्षिण अफ्रीकी पुलिस सेवा (SAPC) ने घटना के बाद फिलिपी ईस्ट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. प्रांतीय गंभीर और हिंसक अपराध इकाई को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो हमले के पीछे के मकसद और आरोपियों की पहचान करने में जुटी है. पुलिस का कहना है कि फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. अपराधियों की तलाश के लिए इलाके में पैनी नजर रखी जा रही है.
पुलिस आयुक्त ने की समुदाय से सहयोग की अपील
पश्चिमी केप के प्रांतीय पुलिस आयुक्त थेम्बिसाइल पाटेकिले ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "इस तरह की घटनाएं न केवल पीड़ितों के परिवारों को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरे समुदाय की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं. आरोपियों को सजा दिलाने के लिए हमें स्थानीय लोगों के सहयोग की आवश्यकता है." उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके पास कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी है, तो वह जांच में मदद करें.
पृष्ठभूमि: गिरोह हिंसा और बंदूक अपराधों में बढ़ोतरी
केपटाउन में हाल के महीनों में बंदूक से जुड़ी हिंसक घटनाओं और गिरोह के बीच प्रतिद्वंद्विता में तेजी आई है. सितंबर में भी गोलीबारी की एक श्रृंखला में 12 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जिससे सरकार को कुछ टैक्सी रूटों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था.
गिरोह हिंसा के कारण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा है. दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रीय टैक्सी परिषद (SANTACO) ने पुष्टि की कि प्रांतीय सरकार ने राष्ट्रीय भूमि परिवहन अधिनियम की धारा 91 लागू कर दी है, जिससे टैक्सी सेक्टर में सीधे हस्तक्षेप का रास्ता खुला है. इस फैसले का असर हजारों दैनिक यात्रियों पर पड़ा है, जो मिनीबस टैक्सियों पर निर्भर रहते हैं.
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