300 अरब डॉलर की मदद और प्रतिबंधों में राहत... अमेरिका-ईरान शांति समझौते का मसौदा आया सामने; जानिए शर्तें

US Iran War: पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दोनों देशों ने घोषणा की है कि शांति समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे.

$300 billion in aid and sanctions relief Draft of US-Iran peace agreement revealed
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US Iran War: पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दोनों देशों ने घोषणा की है कि शांति समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे.

करीब 107 दिनों तक चले संघर्ष के बाद होने वाला यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि समझौते की सभी शर्तों की औपचारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन ईरानी मीडिया में इसके प्रस्तावित मसौदे से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं.

14 बिंदुओं वाले मसौदे में क्या-क्या शामिल?

ईरान के सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया संस्थानों के अनुसार, दोनों देशों के बीच तैयार किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) में 14 प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्तावित शर्तों में लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम लागू करने का प्रावधान है. 

इसके अलावा अमेरिका ने ईरान के आंतरिक मामलों में दखल न देने का आश्वासन दिया है. मसौदे में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगले 30 दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी और जलमार्ग को फिर से सामान्य आवाजाही के लिए खोला जाएगा.

सेना वापसी और प्रतिबंधों में राहत का प्रस्ताव

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी को कम करते हुए ईरान से सैनिकों की वापसी करेगा. साथ ही ईरानी तेल और ऊर्जा क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे. समझौते के मसौदे में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश कर सकते हैं.

दूसरी ओर, ईरान एक बार फिर यह प्रतिबद्धता जताएगा कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा. वहीं अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति न बढ़ाने और भविष्य में ईरान पर नए प्रतिबंध न लगाने का वादा करेगा.

अंतिम बातचीत से पहले ईरान की शर्तें

मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम दौर की वार्ता शुरू होने से पहले ईरान ने कुछ पूर्व शर्तें रखी हैं. इनमें विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियों का कम से कम आधा हिस्सा, यानी लगभग 12 अरब डॉलर, जारी करना शामिल है.

इसके अलावा ईरान चाहता है कि उसके तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त की जाए. इन कदमों के बाद ही अंतिम समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है.

संयुक्त राष्ट्र की भूमिका भी अहम

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित शांति समझौते को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया जा सकता है. इसके जरिए समझौते को औपचारिक मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है. यदि यह समझौता तय समय पर लागू होता है, तो इसे हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया के सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में से एक माना जाएगा.

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