Iran Israel War: मध्य पूर्व में शांति प्रयासों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. लेबनान की राजधानी बेरूत के दाहिया क्षेत्र पर इजराइल की ओर से किए गए हवाई हमलों के बाद हालात और संवेदनशील हो गए. इस घटनाक्रम के बाद ईरान समर्थित पक्षों की प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंकाएं बढ़ गई हैं.
ट्रंप बोले- यह हमला नहीं होना चाहिए था
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे समय में यह हमला नहीं होना चाहिए था, जब ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात को और अधिक न बिगाड़ने की अपील की.
ट्रंप ने कहा कि इजराइल को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, लेकिन जिस घटना के जवाब में कार्रवाई की गई, उसका प्रभाव सीमित था और उसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई थी. उनके अनुसार, क्षेत्रीय शांति की दिशा में चल रही प्रक्रिया को इस तरह की सैन्य कार्रवाई से प्रभावित नहीं होना चाहिए.
Only the resistance and Iranian missiles and drones can stop Israel. Not Donald Trump, not anyone else.#Iran #IranWar #America #DonaldTrump #Israel #Netanyahu https://t.co/dbE9beHeF3 pic.twitter.com/ZjZP8LJnmy
— Rizwan Haider (@TheRizwanTalks) June 14, 2026
लेबनान और इजराइल दोनों को दी नसीहत
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि न तो इजराइल को लेबनान में आगे और हमले करने चाहिए और न ही हिज्बुल्लाह या किसी अन्य समूह को इजराइल के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने इसे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया.
समझौते को लेकर इजराइल की चिंता
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर इजराइली नेतृत्व संतुष्ट नहीं माना जा रहा है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बातचीत की प्रक्रिया में इजराइल की भूमिका सीमित रही है, जिससे वहां की सरकार में असहजता देखी जा रही है.
इजराइल ने हमले की बताई वजह
इजराइली अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तरी इजराइल की ओर दागे गए प्रोजेक्टाइल्स के जवाब में की गई. सेना का कहना है कि हिज्बुल्लाह की ओर से तीन प्रोजेक्टाइल छोड़े गए थे, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई. हालांकि, इस दावे पर हिज्बुल्लाह की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.
अमेरिका-ईरान समझौते पर क्या है चर्चा?
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं में परमाणु कार्यक्रम, तेल निर्यात प्रतिबंध, जब्त संपत्तियों और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर प्रगति हुई है.
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने और अपने परमाणु कार्यक्रम के विस्तार को सीमित रखने की प्रतिबद्धता जताई है. बदले में अमेरिका द्वारा कुछ आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों में राहत देने की संभावना पर चर्चा चल रही है. साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को सामान्य बनाने के उपायों पर भी बातचीत जारी है.
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