नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कहे जाने वाली दिल्ली मेट्रो को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने 3 मेट्रो कॉरिडोर के एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आज यानी बुधवार 11 फरवरी को कैबिनेट मीटिंग का आयोजित की गई. बैठक में मेट्रो फेज-V (ए) को मंजूरी दे दी गई है. कुल 16 किलोमीटर लंबी तीन नई मेट्रो लाइनें बनाई जाएंगी और इनमें 13 स्टेशन होंगे. पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 12,014.91 करोड़ रुपए है, जिसमें से 2,940.46 करोड़ रुपए दिल्ली सरकार देगी. सरकार ने इसे साल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
तीन नए कॉरिडोर से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मंजूर किए गए तीन कॉरिडोर हैं – आर.के. आश्रम से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज. इन 13 स्टेशनों में 10 अंडरग्राउंड और 3 एलिवेटेड होंगे. यह विस्तार मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जुड़ा होगा, जिससे यात्रियों को लाइन बदलने में आसानी होगी. इससे हवाई अड्डे, सरकारी दफ्तरों, व्यावसायिक इलाकों और रिहायशी क्षेत्रों के बीच सफर आसान होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी.
आर.के. आश्रम से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर
यह फेज-V (ए) का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसकी लंबाई करीब 9.91 किलोमीटर होगी और इसमें 9 स्टेशन बनाए जाएंगे. यह लाइन सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगी और कई अहम सरकारी इमारतों और ऐतिहासिक स्थानों को जोड़ेगी. इस रूट से रोजाना करीब 60 हजार कर्मचारी और लगभग 2 लाख यात्रियों को फायदा होने की उम्मीद है. इस कॉरिडोर पर करीब 9,570.40 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें से 2,337.24 करोड़ रुपए दिल्ली सरकार देगी.
एयरोसिटी से आईजीआई टर्मिनल-1 कॉरिडोर
यह कॉरिडोर 2.26 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें एक स्टेशन बनेगा. इसका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट तक सीधी और तेज मेट्रो सुविधा देना है. इससे यात्रियों को टैक्सी या निजी गाड़ी पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और एयरपोर्ट इलाके में ट्रैफिक भी कम होगा. इस परियोजना की लागत 1,419.64 करोड़ रुपए है, जिसमें दिल्ली सरकार का हिस्सा 351.86 करोड़ रुपए होगा.
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर
यह तीसरा कॉरिडोर 3.9 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 3 स्टेशन बनाए जाएंगे. इससे दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के लोगों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी. रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह रूट काफी फायदेमंद साबित होगा. इस कॉरिडोर की लागत 1,024.87 करोड़ रुपए है, जिसमें से 251.36 करोड़ रुपए दिल्ली सरकार वहन करेगी. कुल मिलाकर, यह मेट्रो विस्तार दिल्ली को एक और आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाएगा.
ये भी पढ़ें: फरवरी में ही बदला दिल्ली-एनसीआर का मौसम, पड़ने वाली है भयंकर गर्मी; 30 डिग्री तक जा सकता है पारा