Us Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान हुआ है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अब तक 14 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 414 सैनिक घायल हुए हैं. हाल ही में एक अमेरिकी नौसेना पायलट की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़ा है.
हेलिकॉप्टर हादसे में गई पायलट की जान
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जुलाई की शुरुआत में अरब सागर में एक नौसेना हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया था. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पहले नौसेना ने इस घटना को इमरजेंसी लैंडिंग बताया था और कहा था कि हेलिकॉप्टर दुश्मन के हमले की वजह से नहीं गिरा था. हेलिकॉप्टर में मौजूद तीन अन्य नौसैनिक सुरक्षित बच गए थे. बाद में पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में इस मौत को गैर-युद्ध कारण से हुई मौत बताया.
ज्यादातर सैनिकों को सिर और दिमाग में चोट
CENTCOM के मुताबिक, युद्ध में घायल हुए 414 सैनिकों में बड़ी संख्या ऐसे जवानों की है, जिन्हें ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (TBI) यानी सिर और दिमाग में गंभीर चोट लगी है. ऐसी चोटें आमतौर पर मिसाइल हमलों और बड़े धमाकों के दौरान होती हैं.
अधिकारियों का कहना है कि घायल हुए ज्यादातर सैनिक इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं.
पहले कैसे हुई थीं 13 सैनिकों की मौत?
इससे पहले युद्ध के दौरान 13 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी थी.
रिपोर्ट के अनुसार, 6 सैनिक कुवैत में एक अमेरिकी कमांड सेंटर पर हुए ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए थे.
एक अन्य सैनिक सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए हमले में घायल हुआ था. इलाज के दौरान करीब एक हफ्ते बाद उसकी मौत हो गई.
इसके अलावा 6 अमेरिकी सैनिक इराक में KC-135 ईंधन भरने वाले सैन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मारे गए थे.
एक और घायल सैनिक का नाम जोड़ा गया
CENTCOM ने बताया कि 13 जुलाई को घायल सैनिकों की सूची में अमेरिकी एयरफोर्स के एक और जवान का नाम जोड़ा गया है. हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि उसे किस घटना में चोट लगी और न ही उसकी चोट की गंभीरता के बारे में जानकारी दी गई.
हालिया हमलों पर नहीं दी गई जानकारी
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से हमले तेज हुए हैं. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह साफ नहीं किया है कि इन ताजा हमलों में कोई नया सैनिक घायल हुआ है या नहीं.
यह भी नहीं बताया गया कि कितने घायल सैनिकों को बेहतर इलाज के लिए युद्ध क्षेत्र से बाहर भेजा गया है.
ये भी पढ़ें- इजरायली जासूस थे ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद? मोसाद के लिए कर रहे थे काम! रिपोर्ट में दावा