नई दिल्ली: 26 मई 2014 का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बड़ा मोड़ लेकर आया था. यह सिर्फ एक नई सरकार के गठन का दिन नहीं था, बल्कि करोड़ों देशवासियों की उम्मीदों और भरोसे का भी प्रतीक बना. इसी दिन नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और “नए भारत” के विजन के साथ सफर की शुरुआत हुई.
पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने कई ऐसी योजनाओं और अभियानों को आगे बढ़ाया, जिनका असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर दिखाई दिया. गांवों की रसोई में धुएं से परेशान महिलाओं तक उज्ज्वला योजना के जरिए गैस कनेक्शन पहुंचे, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की सुरक्षा मिली. जन-धन योजना ने करोड़ों लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़कर वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना गया.
लाखों परिवारों को पक्के घर मिले
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए. सरकार इन योजनाओं को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले कदम के रूप में पेश करती रही है.
इन वर्षों में भारत की वैश्विक छवि में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला. अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान की सफलता ने दुनिया भर में भारत की वैज्ञानिक क्षमता का लोहा मनवाया. महामारी के दौरान भारत ने कई देशों तक दवाइयां और वैक्सीन पहुंचाकर वैश्विक सहयोग का संदेश दिया. वहीं संकटग्रस्त देशों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने वाले अभियानों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सक्रिय भूमिका को मजबूत किया.
26 मई, 2014...
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) May 26, 2026
उस दिन सिर्फ़ एक सरकार नहीं बनी थी। सवा सौ करोड़ सपनों ने एक नाम पर भरोसा किया था - श्री नरेंद्र मोदी।
इन 12 सालों में कितना कुछ बदल गया...
धुएँ से जूझती माँ की रसोई में आज उज्ज्वला की नीली लौ है। बीमारी में घबराते ग़रीब की ढाल अब आयुष्मान है। जन-धन से आत्मनिर्भर… pic.twitter.com/PhRENY2fjw
सुरक्षा और विदेश नीति पर मजबूत रुख
राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मुद्दों पर भी केंद्र सरकार लगातार मजबूत रुख अपनाने का दावा करती रही है. सरकार समर्थकों का कहना है कि बीते 12 वर्षों में भारत ने आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में नई पहचान बनाई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की बात करते रहे हैं. भाजपा और उसके समर्थक इन 12 वर्षों को जनसेवा, विकास और राष्ट्र निर्माण का दौर बता रहे हैं. वहीं विपक्ष रोजगार, महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता रहा है.
मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों के जरिए इस कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.