नागपुर: सोमवार रात नागपुर के महल इलाके में हिंसा भड़क उठी, जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग के समर्थन में एक प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब का पुतला जलाया गया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. देखते ही देखते माहौल बिगड़ने लगा और इलाके में पथराव व आगजनी की घटनाएं सामने आईं.
स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुलिस की कार्रवाई
उपद्रवियों ने घरों पर पथराव किया और सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. घटना के दौरान नागपुर के DCP निकेतन कदम पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे वे घायल हो गए. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया. अब तक 55 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नागपुर पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने बताया कि शहर में BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है, जो IPC की धारा 144 के समान है. इसके तहत सार्वजनिक सभाओं और भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
राज्य सरकार भी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने देर रात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ बैठक की और उन्हें हालात का जायजा लेने के लिए नागपुर भेजा.
चश्मदीदों का बयान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिंसा में शामिल उपद्रवी अपने चेहरे ढके हुए थे और उनके हाथों में तलवार, डंडे और पेट्रोल से भरी बोतलें थीं. उन्होंने अचानक घरों और दुकानों पर हमला कर दिया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया.
मुंबई और अन्य शहरों में सुरक्षा बढ़ाई गई
नागपुर में भड़की हिंसा के मद्देनजर मुंबई और अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. खासतौर पर मालवणी, भिंडी बाजार, कुर्ला, शिवाजी नगर, मानखुर्द और अंटॉपहिल जैसे क्षेत्रों में पुलिस अलर्ट पर है.
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब शुरू हुआ जब महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक अबू आजमी ने एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने औरंगजेब की ऐतिहासिक छवि को लेकर चर्चा की. इस बयान के बाद विभिन्न संगठनों ने विरोध जताया. विवाद बढ़ने पर अबू आजमी ने अपना बयान वापस ले लिया, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था.
औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग
छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और भाजपा सांसद उदयनराजे भोंसले ने औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की. उनके साथ तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा सिंह और बजरंग दल के नितिन महाजन ने भी इस मांग को समर्थन दिया. VHP और बजरंग दल ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के कई शहरों में प्रदर्शन करने की घोषणा की थी.
आगे की स्थिति
वर्तमान में नागपुर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है. प्रशासन की प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखना है. पुलिस द्वारा लगातार उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं. सरकार और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है.
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