नई दिल्ली, मनोरंजन डेस्क: साल 2023 बॉलीवुड फिल्मों के लिए काफी खास रहा है. लेकिन जाते-जाते इंडस्ट्री से एक बुरी खबर सामने आई है. ब्रह्मचारी, दो रास्ते, हाथी मेरे साथी, बॉम्बे टू गोवा, कटी पतंग, आन मिलो सजना, हरे राम हरे कृष्णा, गुरु और चेला आदि जैसी फिल्मों में काम करने वाले दिग्गज एक्टर महमूद जूनियर (Mehmood Junior Died) का आज निधन हो गया है. 67 साल के अभिनेता लंबे समय से स्टेज-4 के पेट के कैंसर (4th Stage Stomach Cancer) से जूझ रहे थे.
आखिरी इच्छा पूरी होते ही कहा अलविदा
जूनियर महमूद लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे. बीते दिनों उन्होंने अपने दोस्त एक्टर जितेंद्र और सचिन पिलगाउंकर से मिलने की इच्छा जताई थी. जिसके बाद दोनों कलाकार उनसे मिलने पहुंचे थे. जूनियर महमूद की हालत इतनी ज्यादा खराब थी जिसे देखकर जितेंद्र अपने आंसू नहीं रोक पाएं. वहीं जॉनी लिवर भी जूनियर महमूद से मिलने पहुंचे थे. लेकिन जैसे ही उनकी ये इच्छा पूरी हुई उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
क्या है महमूद नाम के पीछे की कहानी?
बहुत कम लोग जानते होंगे कि जूनियर मेहमूद का असली नाम मोहम्मद नईम (Mohammad Naeem) था. तो हुई कुछ यूं कि महमूद साहब (Mahmood Saheb) ने अपनी बेटी के बर्थडे पर जूनियर मेहमूद को नहीं बुलाया तो उन्होंने कहा कि मैं छोटा आर्टिस्ट हूं इसलिए नहीं बुलाया. फिर उन्हें बुलाया गया और उन्होंने पार्टी में मेहमूद के गाने 'हम कालें हैं तो क्या हुआ' पर जबरदस्त डांस किया. जिसे देखकर महमूद काफी इंप्रेस हो गए और उन्होंने मोहम्मद नईम को जूनियर महमूद नाम दे दिया.
'मैं मरूं तो दुनिया बोले...'- जूनियर महमूद
जूनियर महमूद का जन्म 15 नवम्बर 1956 को हुआ था. उन्होंने 7 भाषाओं में 265 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया था. इसके अलावा उन्होंने कई मराठी फिल्में भी निर्देशित की थीं. इसके अलावा उन्होंने टीवी पर भी काफी काम किया है. वो 'प्यार का दर्द मीठा-मीठा प्यारा-प्यारा', 'एक रिश्ता साझेदारी का' और 'तेनाली रामा' जैसे शोज में भी काम किया है. महमूद ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत की थी. बचपन से ही लोग उनकी एक्टिंग के दिवाने हो गए थे. अपने आखिरी समय में उन्होंने एक इच्छा जताई थी. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उन्होंने कहा- 'मैं मरूं तो दुनिया बोले कि बंदा अच्छा था बस...'