नई दिल्लीः 19 अप्रैल को पहले चरण के वोटिंग के बाद अब राजनीतिक दल दूसरे चरण यानि 26 अप्रैल के मतदान के लिए चुनाव प्रचार में जुट गए हैं. इस दौर में भी कई दागी उम्मीदवार शामिल हैं. जिन पर हत्या समेत हत्या का प्रयास करने जैसे मामले दर्ज हैं. कुछ पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज है. चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दिए गए इनके एफिडेविट ये जानकारी सामने है.
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक .250 उम्मीदवार दागी है.
गौरतलब है कि 26 अप्रैल को दूसरे चरण का चुनाव प्रस्तावित है. इस क्रम में जोरों शोरों के साथ प्रचार प्रसार भी जारी है. इस चरण में 12 राज्यों की 88 सीटों पर वोटिंग होने वाली है. पहले चरण में वोटरों का उत्साह कम देखा गया था. 2019 की तुलना में इस चरण में लगभग 6 फीसदी कम वोटिंग हुई है. उम्मीद है कि दूसरे चरण मतदान बेहतर होगा, जैसकि पीएम मोदी समेत चुनाव इसकी अपील कर रहा है. चुनाव गर्मी को लेकर भी बूथों पर बेहतर व्यवस्था करने जा रा है.
लिस्ट में इतने प्रत्याशियों के नाम
कहा जाता है कि वोट दो लेकिन सोच समझ कर. आपके वोट से ही आगे के भविष्य में आने वाली सरकार निर्धारित की जाती है. लेकिन क्या आप जानते है कि जिस नेता को आप वोट देकर चुनने वाले हैं क्या उसके ऊपर पहले से आपराधिक मामला दर्ज है या फिर नहीं? इस लिस्ट में कुल 250 प्रत्याशियों के नाम शामिल है. इतने प्रत्याशियों के नाम लिस्ट आपराधिक लिस्ट में शामिल होने के बाद कोई भी इसपर विचार जरुर करेगा. विचार इस बात का कि क्या जिसे आप चुनने जा रहे हैं वह आपके लिए ठीक है भी या नहीं. इसमें भी 14 प्रतिशत ऐसे प्रत्याशी हैं जिनपर काफी गंभीर मामला दर्ज किया गया है.
इस पार्टी के सबसे अधिक क्रिमीनल रिकॉर्ड वाले प्रत्याशी
रिपोर्ट के अनुसार जिस दल के क्रिमिनल रिकॉर्ड सबसे ज्यादा है. उनमें CPI का नाम शामिल है. इनमें 5 से 3 प्रत्याशी आपराधिक मामले वाले ऐसे प्रत्याशि होंगे. वहीं 50 प्रतिशत आपराधिक मामले वाले 4 में से 2 प्रत्याशी आपराधिक केस वाले हैं जो 50 फीसदी हैं. तीसरे पर सीपीआईएम है इनमें 18 में से 7 आपराधिक हैं, आईएनसी के 68 में से 22 क्रिमिनल केस वाले कैंडिडेट हैं जो 32 फीसदी हैं और बीजेपी के 69 में से 21 आपराधिक केस वाले कैंडिडेट हैं जो टोटल का 30 फीसदी है.
केरल से है यह अपराधी
केरल में भी आपको बता दें कुछ उम्मीदवार ऐसे हैं. जिनपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. हम नाम की बात करें तो सुरेंद्रम यह केरल के वायनाड से उम्मीदवार हैं. इनपर 243 आपराधिक मामले दर्ज है. इन 243 में 139 मामले ऐसे हैं जो काफी गंभीर है. सुरेंद्रम बीजेपी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. दूसरे नंबर पर डॉ. के एस राधाकृष्णम का भी नाम है. यह प्रत्याशी एर्नाकुलम से है. यह भी बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ रहा है और इस पर 211 क्रिमिनल केस फाइल किए गए हैं इनमें 5 गंभीर क्रिमिनल केस हैं.
23 गंभीर आरोप वाला यह उम्मीदवार कांग्रेस से लड़ रहा चुनाव
लिस्ट में तीसरा नाम कांग्रेस प्रत्याशी का है. इनका नाम एडवोकेट डीन कुरियाकोसे है. यह केरल के इदुक्की इलाके से चुनाव लड़ रहे हैं. इस प्रत्याशी पर 88 आपराधिक मामले तो दर्ज हैं हीं. इनमें 23 ऐसे आपराधिक मामले हैं. गंभीर धाराओँ में दर्ज हैं.
असम में इतने उम्मीदवारों का नाम शामिल
इसी तरह असम में भी कुल 9 उम्मीदवारों के नाम पारित हुए हैं. इसमें ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी से लेकर बीजेपी पार्टी का नाम शामिल है. AIUDF पार्टी से 2 उम्मीदवार वहीं बीजेपी और गण सुरक्षा पार्टी से 1-1 उम्मीदवार के उपर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं 6 ऐसे कैंडिडेट है जो निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.
यह है प्रत्याशियों के नाम
इनमें AIUDF अमीनुल इस्लाम, भाजपा पार्टी से सुरेश बोरा और निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले शिखा शर्मा और अबू यूसुफ मोहम्मद रेहान, उद्दीन मध्य का नाम शामिल है. उद्दीन मध्य नगांव निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं.
पहले चरण में इतने राज्यों में चुनाव
वहीं पहले चरण के चुनाव में 21 राज्यों में 102 लोकसभा सीटों पर चुनाव हुए. इसमें देशभर से 1525 प्रत्याशी के नाम शामिल है. पहले चरण में कुल 1525 प्रत्याशियों में 251 प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज है. इन प्रत्याशियों ने खुद अपने शपथ पत्र में इसका जिक्र किया है. वहीं 160 प्रत्याशी ऐसे भी हैं जिनपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इस क्रम में एडीआर ने सात उम्मीदवारों के शपथ पत्र स्पष्ट न होने की वजह से उनका विश्लेषण नहीं किया है. 14 प्रत्याशियों ने अपने ऊपर दोषसिद्ध मामलों की घोषणा की है.
हत्या मामले दर्ज
इनमें 19 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनपर हत्या का प्रयास करने के मामले में केस दर्ज है. सात अपराधी ऐसे हैं जिनपर हत्या की धारा में मामला दर्ज है. वहीं 17 उम्मीदवारों पर महिलाओं पर अत्याचार के मामले दर्ज हैं. पहले चरण के 35 उम्मीदवारों पर भड़काऊ भाषण से जुड़े मामले दर्ज हैं. इसकी घोषणा उन्होंने शपथ पत्र में की है.
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