अचानक कैसे गुल हो गई राजधानी की बत्ती? एक घंटे तक छाया रहा अंधेरा; जानें क्या है कारण

What is earth hour: आज रात साढ़े 8 बजे से साढ़े 9 बजे तक पूरे देशभर में अंधेरा छाया रहा, जिसे 'अर्थ आवर' के रूप में मनाया गया. इस दौरान दिल्ली के प्रमुख स्थलों जैसे इंडिया गेट, कुतुबमीनार, सीएम हाउस और अन्य ऐतिहासिक इमारतों की लाइट्स बंद कर दी गईं.

अचानक कैसे गुल हो गई राजधानी की बत्ती? एक घंटे तक छाया रहा अंधेरा; जानें क्या है कारण
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What is earth hour: आज रात साढ़े 8 बजे से साढ़े 9 बजे तक पूरे देशभर में अंधेरा छाया रहा, जिसे 'अर्थ आवर' के रूप में मनाया गया. इस दौरान दिल्ली के प्रमुख स्थलों जैसे इंडिया गेट, कुतुबमीनार, सीएम हाउस और अन्य ऐतिहासिक इमारतों की लाइट्स बंद कर दी गईं. यह पहल हर साल बिजली बचाने के उद्देश्य से भारत समेत दुनिया भर के कई देशों द्वारा की जाती है, जहां गैर-जरूरी लाइटों को एक घंटे के लिए बंद किया जाता है.

अर्थ आवर में 269 मेगावाट बिजली की बचत

इस साल दिल्ली में 'अर्थ आवर' के दौरान 269 मेगावाट बिजली की बचत हुई. बीएसईएस क्षेत्र में 159 मेगावाट बिजली की बचत हुई, जबकि पिछले साल दिल्ली में 206 मेगावाट बिजली की बचत हुई थी. इसके अलावा, सरकारी इमारतों के अलावा आम नागरिकों ने भी अपने घरों में गैर-जरूरी लाइटें बंद कीं.

असम के मुख्यमंत्री ने इस अंदाज में मनाया अर्थ आवर

दिल्ली के अलावा देशभर के अन्य राज्यों में भी अर्थ आवर मनाया गया. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि "अर्थ आवर पर, मेरे साथी कार्यकर्ता और मैं एक ग्रीनर और स्वच्छ ग्रह के लिए खुद को फिर से समर्पित करने के लिए एकजुटता से खड़े हुए. आइए हम अंधेरे से हर जगह, हर किसी के लिए एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करें."

राजस्थान और तेलंगाना में भी अर्थ आवर का आयोजन

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने आवास पर लाइटें बंद करके अर्थ आवर मनाया. वहीं, तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बी.आर. अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय भवन की लाइटें बंद की गईं. अर्थ आवर न केवल भारत में बल्कि 190 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है. यह दिन पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने और ऊर्जा की बचत करने के लिए महत्वपूर्ण है.