Mary Kom Retirement: 'मैं और खेलना चाहती हूं...' कहते हुए आखिर क्यों वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम ने लिया संन्यास?

Mary Kom Retirement: 'मैं और खेलना चाहती हूं...' कहते हुए आखिर क्यों वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम ने लिया संन्यास?

नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क: दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम (Mark Kom) ने संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है.  छह बार की विश्व चैंपियन और 2012 ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वह और खेलना चाहती हैं लेकिन उम्र के कारण उन्हें खेलने नहीं दिया जा रहा है. इंटरनेशनल मुक्केबाजी संघ (International Boxing Association) के नियम के चलते उन्हें रिटायर (MC Mary Kom Retirement) होना पड़ रहा है.

क्या हैं मुक्केबाजी संघ के नियम

बता दें कि मैरी कॉम की उम्र 41 हो चुकी है और अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (IBA) के नियमों के मुताबिक, 40 या उससे अधिक उम्र के एथलीटों को पेशेवर मुक्केबाजी टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं है. जिसके चलते मैरी को अब और आगे नहीं खेलने दिया जा रहा है, लेकिन उन्हें अभी भी एलीट लेवल पर खेलने की भूख है. मैरी कॉम ने अपना आखिरी मुकाबला कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के ट्रायल के दौरान खेला था. 

 

कैसा रहा मैरी कॉम का करियर?

मैरी कॉम ने अपने बॉक्सिंग कॅरियर की शुरुआत 18 साल की उम्र में स्क्रैंटन, पेनसिल्वेनिया में की थी. जहां उन्होंने 48 KG कैटेगरी के फाइनल में जगह बनाई. मैरी कॉम इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) की वुमन बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं थी. उन्होंने 2005, 2006, 2008 और 2010 में वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीता. फिर 
जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद उन्होंने ब्रेक ले लिया था. फिर साल 2012 में लंदन ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीता. फिर 2018 में उन्होंने दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना छठा टाइटल जीता. मैरी कॉम ने विश्व एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप को रिकॉर्ड छह बार जीता है.