नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क: भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल (Sumit Nagal) ने कजाकिस्तान के एलेक्जेंडर बुब्लिक को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open 2024) के दूसरे राउंड में जगह बना ली. नागल ने अपने करियर में पहली बार इस ग्रैंडस्लैम के दूसरे राउंड में एंट्री मारी है. साल 2021 में नागल को ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले राउंड में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी, लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. हरियाणा के झज्जर में जन्मे नागल काफी संघर्ष कर आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं. चलिए जानते हैं उनके बारे में...
ट्रेनिंग करना और गुजारा करना हो रहा था मुश्किल
आज भले ही नागल चर्चा में आ गए हैं, लेकिन कुछ दिनों पहले वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे. उनके लिए ट्रेनिंग करना और खुद का गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा था. एक समय ऐसा आया था कि उनके पर्स पर बस 6 डॉलर रुपये बचे थे. सितंबर 2023 में एटीपी टूर में खेलने के लिए बजट की व्यवस्था करने के बाद उनके बैंक खाते में बस 900 यूरो (करीब 80,000 रुपये) बचे थे. लेकिन अब ऑस्ट्रेलियन ओपन के दूसरे दौर में जगह बनाने के साथ उन्होंने 1.8 लाख डॉलर यानी 98 लाख रुपये का इनाम पक्का कर लिया है.
सुमित नागल के संघर्ष की कहानी
हरियाणा के झज्जर के रहने वाले सुमित नागल भारत के एक प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी हैं. उनके पिता सुरेश नागर एक स्कूल टीचर हैं. सुमित बचपन से ही स्कूल में टेनिस खेलते थे. फिर 10 साल की उम्र में उन्हें महेश भूपति ट्रेनिंग एकेडमी के लिए चयनित किया गया था. उन्होंने ट्रेनिंग के बाद टोरंटो में कोच बॉबी महल के साथ भी ट्रेनिंग की थी. वह 2015 जूनियर ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने वाले खिलाड़ी हैं. उन्होंने 2015 में विंबल्डन ब्वॉयज टाइटल अपने नाम किया था. वह 2018 में भारत के डेविस कप स्क्वॉड का हिस्सा भी रहे थे.