बिहार में ये क्या हो रहा है: नीतीश ने उड़ा दीं लालू-राबड़ी के शासन की धज्जियां, चुपचाप सुनते रहे तेजस्वी यादव

शनिवार को पटना के गांधी मैदान में I.N.D.I.A. गठबंधन की वर्चुअल बैठक के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से हैरान कर देने वाला बयान आया है, जिसने बहुत कुछ कह दिया है.

बिहार में ये क्या हो रहा है: नीतीश ने उड़ा दीं लालू-राबड़ी के शासन की धज्जियां, चुपचाप सुनते रहे तेजस्वी यादव

पटना, भारत24 डिजिटल डेस्क: लोकसभा चुनाव 2024 में केंद्र में सत्तासीन नरेंद्र मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए बने I.N.D.I.A. गठबंधन में क्या सबकुछ ठीक चल रहा है? यह सवाल गठबंधन के नेताओं के साथ-साथ जनता के मन में भी है. इस बीच बिहार की राजधानी पटना में ऐसा कुछ हुआ, जिसने यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है. 

लालू-राबड़ी सरकार की कर दी आलोचना

दरअसल, शनिवार को पटना के गांधी मैदान में I.N.D.I.A. गठबंधन की वर्चुअल बैठक के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से हैरान कर देने वाला बयान आया है, जिसने बहुत कुछ कह दिया है. नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल की पिछली सरकार की इशारों-इशारों में आलोचना कर डाली. 

स्कूली शिक्षा पर राजद सरकार को नीतीश ने घेरा

शनिवार को मुख्यमंत्री ने बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती किए गए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस दौरान कार्यक्रम में 26,000 से ज्यादा शिक्षक शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी सरकार पर खुले तौर पर  बिना लागलपेट के निशाना साधा. राजद सरकार पर कटाक्ष करने के दौरान नीतीश ने याद दिलाया कि 2005 में जब उन्होंने राज्य की कमान संभाली थी उस समय सिर्फ 12.5 प्रतिशत से अधिक बच्चे स्कूल नहीं जाते थे.

 

पिछली सरकार की विफलता को किया उजागर

उन्होंने कहा कि इस हालात को बदला गया और सत्ता में आने पर उनकी सरकार ने बड़े पैमाने पर टोला सेवकों और तालिमी मरकजों (शिक्षा सेवक) की भर्ती शुरू की. अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने इन आंकड़ों के लिए राज्य सरकार द्वारा स्कूली छात्रों पर किए गए एक सर्वेक्षण का हवाला दिया. उन्होंने कुल मिलाकर इशारों-इशारों में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह बयान लालू यादव के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल की सरकार की विफलता को उजागर करता है. उन्होंने जब यह वक्तव्य दिया उस दौरान उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मंच पर ही मौजूद थे.