कीव/न्यूयॉर्क: रूस और यूक्रेन के बीच 2022 से जारी युद्ध अब सिर्फ एक द्विपक्षीय संघर्ष नहीं रह गया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेताया है कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह युद्ध पूरे यूरोप में फैल सकता है.
जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से एक भावुक और तीखा भाषण देते हुए कहा कि रूस अब यूक्रेन के बाहर अन्य देशों की संप्रभुता को भी चुनौती देने लगा है, और कई नाटो सदस्य देशों के हवाई क्षेत्र में रूस के ड्रोन देखे जा चुके हैं.
पुतिन का इरादा केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं- जेलेंस्की
जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से कहा, "रूसी राष्ट्रपति पुतिन सिर्फ यूक्रेन को कब्जे में लेने की मंशा नहीं रखते. वे अपने युद्ध का दायरा पूरे यूरोप तक बढ़ाना चाहते हैं. अगर उन्हें अभी नहीं रोका गया, तो यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर अस्थिरता पैदा कर सकता है."
उन्होंने बताया कि रूस द्वारा युद्ध का तरीका अब पारंपरिक सीमाओं को लांघ चुका है. ड्रोन हमलों, साइबर अटैक और कूटनीतिक हस्तक्षेपों के ज़रिये रूस यूरोप की शांति को चुनौती दे रहा है.
यूरोप की हवाई सीमाओं में रूसी ड्रोन
हालिया हफ्तों में कई नाटो देशों ने दावा किया है कि रूसी ड्रोनों ने उनके वायुक्षेत्र में घुसपैठ की है. इसमें एस्टोनिया, पोलैंड और रोमानिया जैसे देश शामिल हैं.
रोमानिया ने आधिकारिक तौर पर कहा कि रूसी ड्रोन उसके सीमावर्ती क्षेत्रों में देखे गए, जिससे वहां खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई. पोलैंड और एस्टोनिया ने भी ऐसे ही उल्लंघन की घटनाओं की जानकारी दी है.
इन घटनाओं ने पूरे नाटो गठबंधन को सतर्क कर दिया है और सवाल उठाया है कि क्या अब युद्ध यूरोपीय सीमाओं में भी प्रवेश कर चुका है.
अब भी वक्त है, पुतिन को रोको- जेलेंस्की
जेलेंस्की ने अपने भाषण में कहा कि रूस की आक्रामकता को नजरअंदाज करना एक भारी भूल होगी. उन्होंने आगाह किया कि दुनिया एक नई हथियारों की दौड़ और परमाणु खतरे की ओर बढ़ रही है. उन्होंने कहा, "हम यह सोचकर नहीं बैठ सकते कि पहला परमाणु ड्रोन कौन बनाएगा. हमें पुतिन को रोकना होगा, उससे पहले कि वह कुछ ऐसा कर जाए जिससे कोई वापसी न हो."
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर सवाल
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं, जिनका काम विश्व शांति बनाए रखना है, वो यूक्रेन को पर्याप्त सुरक्षा गारंटी देने में नाकाम रही हैं. उन्होंने विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र और नाटो की भूमिका पर सवाल उठाए.
जेलेंस्की ने कहा, "सिर्फ किसी सैन्य संगठन का हिस्सा होना, आज के दौर में सुरक्षा की गारंटी नहीं है. यह एक खतरनाक भ्रम है."
उनका इशारा उन देशों की ओर था जो नाटो सदस्य हैं लेकिन अभी भी रूसी गतिविधियों से सुरक्षित नहीं हैं.
ट्रंप के बयान के बाद तेज़ हुए बयान
जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि "यूक्रेन अपनी सारी ज़मीन रूस से वापस ले सकता है", जो उनके पहले के रुख से थोड़ा अलग है. ट्रंप के इस कथन से यह संकेत मिला कि अमेरिका का राजनीतिक नेतृत्व इस युद्ध को लेकर आंतरिक रूप से बंटा हुआ है.
UN में दिए अपने भाषण के बाद ट्रंप ने कहा कि अगर रूसी ड्रोन किसी भी नाटो देश के वायुसीमा में आते हैं, तो उन्हें सीधे मार गिरा देना चाहिए.
ये भी पढ़ें- पाकिस्तानी सेना ने अपने ही देश में फिर किया हमला, खैबर पख्तूनख्वा में 13 लोगों को मारा, बताया आतंकी