Varanasi News: वाराणसी का शिव प्रसाद गुप्ता (एसएसपीजी) मंडलीय अस्पताल जल्द ही एक बड़े बदलाव से गुजरने वाला है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस अस्पताल को नया रूप देने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. इसके तहत पुराने और जर्जर 11 भवनों को तोड़कर एक अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 500 बेड की सुविधा होगी. इस कदम से शहर के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को नया जीवन मिलेगा.
315.48 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत बनने वाले इस अस्पताल के लिए 315.48 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है. इस प्रस्ताव के तहत नए अस्पताल का निर्माण चार साल में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. इस परियोजना से न केवल वाराणसी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी.
नई अस्पताल की विशेषताएँ और सेवाएँ
इस नए मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध होंगी. अस्पताल में यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रो मेडिसिन, गैस्ट्रो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, और डायलिसिस जैसी विशेषज्ञ सेवाएँ प्रदान की जाएंगी. इसके अलावा, ओपीडी, वार्ड, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू जैसी सुविधाएँ भी इस अस्पताल में उपलब्ध होंगी.
यह अस्पताल कुल आठ मंजिलों और एक बेसमेंट के साथ बनेगा, जबकि कर्मचारियों और डॉक्टरों के रहने के लिए एक अलग से 14 मंजिल का भवन भी निर्माणाधीन होगा. भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों (आइपीएचएस) के अनुसार इस अस्पताल का निर्माण किया जाएगा, जिससे इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा.
केंद्र और प्रदेश सरकार का योगदान
इस अस्पताल के निर्माण के लिए कुल बजट का 60 प्रतिशत, यानी लगभग 189.28 करोड़ रुपये, केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे. शेष 40 प्रतिशत, यानी लगभग 126.19 करोड़ रुपये, प्रदेश सरकार द्वारा खर्च किए जाएंगे. यह सहयोग स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और सुनिश्चित करता है कि यह अस्पताल एक बेहतरीन स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा.
वर्तमान अस्पताल की स्थिति और भविष्य की दिशा
वर्तमान में एसएसपीजी अस्पताल में कुल 316 बेड की क्षमता है, जबकि यहां प्रतिदिन 2,000 से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं. नए अस्पताल का निर्माण न केवल अस्पताल की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि यह वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में एक आधुनिक चिकित्सा केंद्र के रूप में उभरेगा. इस परियोजना से न केवल स्थानीय मरीजों को लाभ मिलेगा, बल्कि इससे अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी बेहतर कार्यस्थल मिलेगा.
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