उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के छात्रों को अब और भी बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे, क्योंकि आइआइएमटी विश्वविद्यालय ने ग्रेटर नोएडा में अपना नया आफ-कैंपस खोलने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार ने इस आफ-कैंपस के संचालन के लिए प्राधिकरण पत्र (एलओपी) जारी करने की मंजूरी दे दी है, जिससे इस क्षेत्र में शिक्षा का स्तर और भी बेहतर होगा.
नई मंजूरी से शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ेगा विस्तार
आइआइएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ का यह नया आफ-कैंपस ग्रेटर नोएडा के क्षेत्र में स्थापित होगा, जिसका निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हो चुका है. विश्वविद्यालय का एक अन्य कॉलेज पहले से ही ग्रेटर नोएडा में संचालित है, और अब पांच एकड़ भूमि पर नए आफ-कैंपस की इमारत तैयार हो चुकी है. इस आफ-कैंपस में पढ़ने वाले छात्रों को आइआइएमटी विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त डिग्री मिलेगी, जो उन्हें बेहतर करियर के अवसर प्रदान करेगी.
ऑफ-कैंपस में चलाए जाएंगे प्रमुख पाठ्यक्रम
ग्रेटर नोएडा में इस नए आफ-कैंपस में कई महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों की पेशकश की जाएगी, जिनमें बीटेक, बीबीए, बीसीए और एमबीए जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में विशेषज्ञ बन सकें और रोजगार के बेहतर अवसरों का लाभ उठा सकें.
सरकार ने की स्वीकृति
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री, योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि राज्य में निजी विश्वविद्यालयों को आफ-कैंपस खोलने की अनुमति देने के लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 और इसके द्वितीय संशोधन अधिनियम, 2021 के तहत प्रावधान किया गया है. इस प्रावधान के आधार पर आइआइएमटी विश्वविद्यालय की प्रायोजक संस्था, ‘एसोसिएशन ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मेरठ’ ने ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक विकास क्षेत्र में भूमि का चयन किया था.
25 फरवरी 2025 को इस प्रस्ताव के लिए आशय पत्र (एलओआइ) जारी किया गया था, और अब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सरकार ने इस आफ-कैंपस के संचालन के लिए अंतिम स्वीकृति दे दी है. इससे पहले, प्रदेश में जेएलए मथुरा विश्वविद्यालय को भी आफ-कैंपस खोलने की अनुमति दी जा चुकी है.
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