Asim Munir Vs Imran Khan: पाकिस्तान में सेना और सरकार की ओर से बीते 24 घंटे में लिए गए कठोर फैसलों ने साफ संकेत दे दिया है कि वहां की सत्ता और सैन्य प्रतिष्ठान अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े राजनीतिक अध्याय को समेटने की तैयारी में हैं. जेल में बंद इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. सूत्रों के अनुसार सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने सियासी मोर्चे पर इमरान से जुड़ी जटिलताओं को खत्म करने की रणनीति तेज कर दी है.
पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि सेना के शीर्ष अफसरों ने पीटीआई नेतृत्व को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब “बहुत हो चुका” और आगे किसी तरह की टकराहट या टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके बाद से अदालतों, सरकार और प्रशासन, सभी जगह एक साथ तेज गतिविधियां दिखने लगी हैं.
24 घंटे में इमरान खान और उनके करीबी लोगों पर बड़े एक्शन
1. इमरान खान की बहन आलिमा खान के खिलाफ कड़ा कदम
एक पाकिस्तानी अदालत ने इमरान खान की बहन आलिमा खान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी जमानत राशि जब्त करने का आदेश दिया. आलिमा कई मामलों में आरोपी हैं और लगातार इमरान के समर्थन में मुखर आवाज उठाती रही हैं. माना जा रहा है कि सरकार और सेना उन्हें पहले शांत करने की रणनीति पर चल रही है, क्योंकि हाल के दिनों में वह सबसे अधिक सक्रिय नेताओं में शामिल रही हैं.
2. पूर्व आईएसआई चीफ फैज हामिद को 14 साल की सजा
इमरान खान के बेहद करीबी समझे जाने वाले पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद को सैन्य अदालत ने चार मामलों में दोषी ठहराया है. उन पर सत्ता के दुरुपयोग और संस्थागत प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप लगे थे. उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई है.
सियासी विशेषज्ञों का मानना है कि फैज हामिद के खिलाफ कार्रवाई दरअसल इमरान खान को घेरने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि पीटीआई लंबे समय से फैज को अपना “साइलेंट सपोर्टर” बताती रही है.
3. इमरान खान की जेल बदलने की तैयारी
सरकारी सूत्रों के अनुसार जल्द ही इमरान खान को उनकी वर्तमान जेल से हटाकर रावलपिंडी के एक ऐसे हाई-सिक्योरिटी केंद्र में भेजने की योजना बनाई जा रही है, जहां आम लोगों या पीटीआई समर्थकों की पहुंच लगभग असंभव हो. शहबाज शरीफ सरकार के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने इस बदलाव की पुष्टि भी की है.
4. इमरान खान पर मुलाकातों पर पाबंदी
सूचना मंत्री अता तरार ने घोषणा की है कि इमरान खान से अब किसी को मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सरकारी दलील है कि हर मुलाकात में इमरान सेना के खिलाफ बयान देते हैं, जिसका सीधा असर आंतरिक स्थिरता पर पड़ता है. यह फैसला इमरान की राजनीतिक सक्रियता को और सीमित कर देगा.
5. पंजाब असेंबली ने पीटीआई को ‘शत्रु राज्य का मोहरा’ बताया
पंजाब असेंबली ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को “शत्रु राष्ट्र का साधन” कहा गया है और तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है.
कुछ सप्ताह पहले इसी तरह का प्रस्ताव तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के खिलाफ भी पारित हुआ था, जिसके बाद संगठन पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगा दिया गया था. विश्लेषकों का मानना है कि पीटीआई पर भी वैसा ही कदम उठाया जा सकता है.
क्या इमरान खान की राजनीतिक फाइल बंद होने की ओर?
पाकिस्तान की राजनीति में सेना की भूमिका को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है. लेकिन हालिया घटनाक्रम संकेत देता है कि सेना अब इमरान खान और पीटीआई से जुड़ी हर तरह की राजनीतिक चुनौती को समाप्त करना चाहती है. इमरान खान पहले ही कई मामलों में सजा काट रहे हैं, पार्टी का ढांचा टूट चुका है, शीर्ष नेताओं पर केस दर्ज हैं और संगठन पर प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है.
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