Vande Mataram Bill: केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में 'वंदे मातरम' विधेयक पेश करेंगे. अगर यह विधेयक संसद से पास हो जाता है, तो वंदे मातरम को भी राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' जैसी कानूनी सुरक्षा मिल जाएगी.
क्या है इस बिल का मकसद?
सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को वही कानूनी दर्जा और सुरक्षा देना है, जो अभी राष्ट्रीय गान जन गण मन को प्राप्त है. इसके लिए राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है.
अपमान करने पर क्या होगी सजा?
प्रस्तावित कानून के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम का अपमान करता है, गाने में बाधा डालता है या कार्यक्रम में व्यवधान पैदा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी. ऐसे मामले में तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
अभी क्या है नियम?
मौजूदा कानून में राष्ट्रीय गान जन गण मन का अपमान करना या उसके दौरान जानबूझकर रुकावट डालना अपराध माना जाता है. ऐसे मामलों में भी तीन साल तक की जेल या जुर्माने का प्रावधान है. अब सरकार यही नियम वंदे मातरम पर भी लागू करना चाहती है.
संसद से मंजूरी मिलने पर लागू होगा कानून
यह विधेयक तभी कानून बनेगा, जब इसे संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल जाएगी. अगर ऐसा होता है, तो वंदे मातरम भी राष्ट्रीय गान, तिरंगे और संविधान की तरह कानूनी सुरक्षा वाले राष्ट्रीय प्रतीकों की सूची में शामिल हो जाएगा.
हाल ही में राज्यों को दिए गए थे निर्देश
इस प्रस्ताव से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों को निर्देश जारी किए थे. इन निर्देशों में कहा गया था कि सरकारी कार्यक्रमों में जहां भी जन गण मन गाया जाए, उससे पहले वंदे मातरम भी बजाया जाए. अब इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार संसद के मानसून सत्र में यह विधेयक पेश करने जा रही है.
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