Gaza Peace Plan: इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने हाल ही में एक गंभीर बयान दिया है, जिसमें उन्होंने गाजा में हमास की आतंकवादी सुरंगों को नष्ट करना देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती करार दिया है. काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि बंधकों की हालिया रिहाई के बाद, अब इजरायल की पहली प्राथमिकता गाजा में हमास की सभी आतंकवादी सुरंगों को पूरी तरह से तबाह करना होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मिशन सीधे इजरायली रक्षा बलों (IDF) और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व में गठित अंतरराष्ट्रीय निगरानी तंत्र के माध्यम से अंजाम दिया जाएगा. इस अभियान का मकसद गाजा के पूर्ण विसैन्यीकरण और हमास के हथियारों को निष्क्रिय करना है, जो गाजा शांति योजना के तहत तय किया गया है.
13 अक्टूबर का दिन इजरायल और गाजा शांति प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने जा रहा है. इसी दिन हमास बंधकों को रिहा करने वाला है, जो इस लंबे समय से चले आ रहे संकट में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है. रक्षा मंत्री ने IDF को इस मिशन को पूरी तरह से तैयार रहने का आदेश दिया है ताकि गाजा में शांति की दिशा में यह पहल कारगर साबित हो. यह रिहाई न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दोनों पक्षों के बीच भरोसे को बढ़ावा देने का भी एक प्रयास है.
ट्रंप का इजरायल दौरा: द्विपक्षीय रिश्तों में मजबूती
इसी ऐतिहासिक दिन पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल का दौरा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग विशेष रूप से उनका स्वागत करने के लिए बेन गुरियन हवाई अड्डे पर मौजूद रहेंगे. ट्रंप का यह दौरा बेहद संक्षिप्त है, जो चार घंटे से भी कम समय का होगा, लेकिन इसके महत्व को कम नहीं आँका जा सकता. इस दौरे का उद्देश्य बंधक परिवारों से मिलना और नेतन्याहू के साथ गहरे कूटनीतिक संवाद को बढ़ावा देना है.
ट्रंप, नेतन्याहू, और इजरायल की अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियां नेसेट स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में एक बैठक करेंगे, जिसके बाद वे बंधक परिवारों से मुलाकात करेंगे. इसके बाद नेसेट में एक पूर्ण अधिवेशन में भाषण भी देंगे, जिसमें इजरायल के वर्तमान राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होगी. ट्रंप का दौरा अमेरिकी और इजरायली संबंधों को न केवल मजबूती प्रदान करता है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.
सुरक्षा की नई चुनौतियां और भविष्य की दिशा
बंदुक रिहाई के बाद इजरायल के सामने अब गाजा में हमास की सुरंगों को पूरी तरह से नष्ट करने की चुनौती है. यह कदम इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इन सुरंगों का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है, जो इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं. रक्षा मंत्री काट्ज ने आईडीएफ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस मिशन के लिए पूरी तरह तैयार रहें.
साथ ही, यह मिशन संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय तंत्र के पर्यवेक्षण में होगा, जिससे इसकी पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी. इस पहल का सफल होना न केवल इजरायल के लिए सुरक्षा की गारंटी होगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाएगा.
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